
NCTE B.Ed Colleges Investigation: मध्य प्रदेश के कुछ बी.एड. कॉलेजों में कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। परिषद ने चार बी.एड. कॉलेजों की जांच के लिए पांच सदस्यीय स्वतंत्र तथ्य जांच एवं सत्यापन समिति का गठन किया है। शुरुआती जानकारी में कुछ संस्थानों के घोषित पते पर संचालित नहीं होने और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसी गंभीर बातें सामने आई हैं।
एनसीटीई के अनुसार, समिति ने संबंधित कॉलेजों का भौतिक निरीक्षण शुरू कर दिया है। जांच के दौरान जियोटैग वीडियो, फोटोग्राफ और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया रिपोर्टों के बाद शुरू हुई जांच
यह कार्रवाई उन मीडिया रिपोर्टों के बाद शुरू की गई, जिनमें बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से संबद्ध तीन बी.एड. कॉलेजों में गंभीर अनियमितताओं का दावा किया गया था। प्रारंभिक जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उसी परिसर से एक अन्य बी.एड. कॉलेज भी संचालित हो रहा है। इसके बाद एनसीटीई ने उसे भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया।
17 जुलाई से जारी है निरीक्षण
एनसीटीई द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एच.सी.एस. राठौर कर रहे हैं। समिति में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), शिक्षा मंत्रालय, मध्य प्रदेश सरकार और एनसीटीई के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
समिति ने 17 जुलाई से मध्य प्रदेश में निरीक्षण शुरू किया है और संबंधित सभी कॉलेजों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जा चुका है।
जियोटैग वीडियो और फोटो से होगी पुष्टि
एनसीटीई के निर्देशों के अनुसार समिति कॉलेजों के भवन, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, भूमि, शिक्षण संसाधनों और फैकल्टी की उपलब्धता का मौके पर जाकर निरीक्षण कर रही है।
जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक निरीक्षण के दौरान जियोटैग वीडियो और जियोटैग फोटोग्राफ रिकॉर्ड किए जा रहे हैं, ताकि रिपोर्ट वास्तविक तथ्यों पर आधारित हो और किसी भी प्रकार की विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध रहें।
दस्तावेजों का भी होगा मिलान
भौतिक निरीक्षण के साथ-साथ समिति कॉलेजों द्वारा मान्यता के लिए जमा किए गए दस्तावेजों, परफॉर्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट (PAR) और अन्य रिकॉर्ड का भी सत्यापन करेगी। इन दस्तावेजों की तुलना कॉलेजों की वास्तविक स्थिति से की जाएगी।
जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित संस्थान NCTE अधिनियम, 1993, परिषद के नियमों और शिक्षक शिक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
पांच कार्य दिवस में सौंपनी होगी रिपोर्ट
एनसीटीई ने समिति को निर्देश दिया है कि वह निरीक्षण पूरा करने के बाद पांच कार्य दिवसों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट परिषद को सौंपे।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित बी.एड. कॉलेजों के खिलाफ मान्यता संबंधी नियमों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक शिक्षा में गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि शिक्षक शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे निरीक्षण यह सुनिश्चित करने में मदद करते हैं कि संस्थान केवल कागजी मानकों तक सीमित न रहें, बल्कि छात्रों को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन, प्रशिक्षित फैकल्टी और बेहतर शिक्षण वातावरण भी उपलब्ध कराएं।
एनसीटीई की यह कार्रवाई शिक्षक शिक्षा संस्थानों में जवाबदेही बढ़ाने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




Add comment