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West Bengal Plans to Attract Private Investment and Foreign Universities to Strengthen Higher Education

पश्चिम बंगाल में विदेशी विश्वविद्यालयों को लाने की तैयारी, उच्च शिक्षा में निजी निवेश को भी मिलेगा बढ़ावा

West Bengal Plans to Attract Private Investment and Foreign Universities to Strengthen Higher Education

पश्चिम बंगाल सरकार राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए निजी निवेश (Private Investment) बढ़ाने और विदेशी विश्वविद्यालयों (Foreign Universities) को कैंपस स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने की योजना पर काम कर रही है। यह जानकारी राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी।

मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा अनुकूल माहौल तैयार कर रही है, जहां निजी क्षेत्र और विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी में उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना की जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी संस्थान निर्धारित शैक्षणिक मानकों का पालन करें।

सरकार का मानना है कि इस पहल से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक छात्रों की पहुंच बढ़ेगी, शोध (Research) को बढ़ावा मिलेगा और पश्चिम बंगाल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर सकेगा।

उच्च शिक्षा में निजी निवेश को बताया जरूरी

जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के विकास में निजी निवेश को महत्वपूर्ण मानती है। उनके अनुसार, केवल सरकारी फंडिंग से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थानों की बढ़ती मांग को पूरा करना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, आधुनिक सुविधाओं के विकास और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निजी निवेश की भूमिका अहम होगी।

मंत्री के मुताबिक, विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे ज्ञान-आधारित उद्योगों (Knowledge-Based Industries) और नवाचार (Innovation) को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत उच्च शिक्षा व्यवस्था राज्य के छात्रों को बाहर जाने से रोकने के साथ-साथ देश और विदेश के छात्रों को भी पश्चिम बंगाल की ओर आकर्षित कर सकती है।

सरकार ने भरोसेमंद निजी निवेशकों के साथ मिलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षण संस्थान विकसित करने की इच्छा भी जताई।

विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए तैयार होगा रास्ता

राज्य सरकार केंद्र की उस नीति के अनुरूप आगे बढ़ रही है, जिसके तहत प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस स्थापित करने की अनुमति दी गई है।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों के आने से छात्रों को अधिक शैक्षणिक विकल्प मिलेंगे, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित होने से भारतीय और विदेशी शिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी बढ़ेगी। इससे फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध परियोजनाओं और शिक्षा जगत तथा उद्योगों के बीच सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से पश्चिम बंगाल की पहचान एक प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में मजबूत होगी और ऐसे उद्योगों को भी लाभ मिलेगा, जिन्हें उच्च प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता होती है।

 

Asmita Sarkar

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