
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल फॉर स्किल एन्हांसमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (DSSEED) ने स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (SEC) के तहत चार नए उद्यमिता आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों में व्यावहारिक बिजनेस स्किल्स विकसित करना और उन्हें रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बनाना है।
यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल की बैठक में रखा जाएगा। परिषद से मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए कार्यकारी परिषद (Executive Council) के समक्ष भेजा जाएगा।
छात्रों को बिजनेस शुरू करने की पूरी प्रक्रिया सिखाएंगे नए कोर्स
डीयू के प्रस्ताव के अनुसार, स्किल एन्हांसमेंट कोर्स के पूल में चार नए विषय शामिल किए जाएंगे। इनमें Entrepreneurial Mindset and Opportunity Discovery, Design Thinking and Venture Development, Venture Business Design and Go-to-Market Strategy तथा Entrepreneurial Communication and Investor Pitching शामिल हैं।
इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य केवल उद्यमिता के सिद्धांत पढ़ाना नहीं है, बल्कि छात्रों को वास्तविक कारोबारी माहौल के लिए तैयार करना है। इसके तहत वे नए बिजनेस आइडिया की पहचान, समस्या का समाधान विकसित करने, बिजनेस मॉडल तैयार करने, बाजार तक पहुंच बनाने और निवेशकों के सामने अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं सीखेंगे।
स्टार्टअप और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
डीयू का मानना है कि आज के समय में केवल नौकरी ही करियर का एकमात्र विकल्प नहीं है। ऐसे में इन नए पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने, नवाचार को बढ़ावा देने और स्वरोजगार के अवसर तलाशने के लिए जरूरी कौशल दिए जाएंगे।
डीयू की स्किल एन्हांसमेंट कोर्स कमेटी की अध्यक्ष प्रो. पायल मागो के अनुसार, इन पाठ्यक्रमों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र अवसरों की पहचान करने से लेकर बिजनेस को बाजार तक पहुंचाने और निवेशकों के सामने अपनी योजना पेश करने तक की पूरी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
अब ऑनलाइन और ऑफलाइन सीख सकेंगे अरबी और पर्शियन
उद्यमिता पाठ्यक्रमों के अलावा, दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) में विदेशी भाषा पाठ्यक्रमों का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। विश्वविद्यालय अब अरबी (Arabic) और पर्शियन (Persian) भाषा के सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की तैयारी में है।
इन दोनों भाषाओं की पढ़ाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी। प्रस्ताव को अकादमिक काउंसिल की मंजूरी मिलने के बाद इन पाठ्यक्रमों को शुरू किया जाएगा।
मेडिकल टूरिज्म और वैश्विक करियर में मिल सकता है फायदा
विश्वविद्यालय का मानना है कि अरबी और पर्शियन जैसी भाषाओं का ज्ञान कई क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। विशेष रूप से एमबीए हेल्थकेयर की पढ़ाई कर रहे और मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए ये भाषाएं अतिरिक्त कौशल के रूप में उपयोगी साबित हो सकती हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन, अनुवाद, विदेशी सेवाओं और शिक्षा क्षेत्र में भी इन भाषाओं का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस उद्देश्य के अनुरूप मानी जा रही है, जिसमें छात्रों को बहु-विषयक शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया है।




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