Edinbox Hindi
NEET UG 2026 BAMS Admission: Total Seats, Eligibility, Counseling Process and Admission Guide 

NEET UG 2026 BAMS Admission: देशभर में कितनी हैं BAMS सीटें? जानें काउंसलिंग, पात्रता और एडमिशन प्रक्रिया

NEET UG 2026 BAMS Admission: Total Seats, Eligibility, Counseling Process and Admission Guide 

NEET UG 2026 BAMS Admission: NEET UG 2026 के जरिए बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) में प्रवेश की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सीटों की संख्या, पात्रता और काउंसलिंग प्रक्रिया की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। देशभर के सरकारी, निजी, डीम्ड और केंद्रीय संस्थानों में BAMS सहित सभी प्रमुख AYUSH पाठ्यक्रमों में प्रवेश NEET UG के स्कोर के आधार पर ही दिया जाता है।

NEET UG में निर्धारित कटऑफ प्राप्त करने के बाद उम्मीदवारों को केंद्रीय और राज्य स्तर की काउंसलिंग में भाग लेना होता है। सही समय पर काउंसलिंग में पंजीकरण और विकल्प भरना सीट आवंटन की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

देशभर में कितनी हैं BAMS की सीटें?

उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में AYUSH से जुड़े विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में 52,000 से अधिक सीटें उपलब्ध हैं। इनमें BAMS सबसे लोकप्रिय कोर्सों में शामिल है।

देशभर के 560 से अधिक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में लगभग 31,811 BAMS सीटें उपलब्ध हैं। इनमें सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी, डीम्ड विश्वविद्यालय और केंद्रीय संस्थानों की सीटें शामिल हैं। हर वर्ष इन सीटों की संख्या संबंधित नियामक संस्थाओं की मंजूरी के आधार पर कुछ बढ़ या घट सकती है।

BAMS में प्रवेश के लिए NEET UG पास करना जरूरी

BAMS में प्रवेश केवल NEET UG के माध्यम से ही होता है। उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने के साथ-साथ संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित कटऑफ अंक भी हासिल करने होंगे। केवल NEET UG क्वालिफाई करने वाले अभ्यर्थी ही काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होते हैं।

BAMS कोर्स की अवधि कितनी होती है?

BAMS एक 5.5 वर्ष का स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रम है। इसमें साढ़े चार वर्ष की शैक्षणिक पढ़ाई और एक वर्ष की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप शामिल होती है। कोर्स पूरा करने के बाद छात्र आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में चिकित्सक के रूप में पंजीकरण और आगे की पढ़ाई के लिए पात्र बनते हैं।

BAMS एडमिशन के लिए पात्रता क्या है?

BAMS में प्रवेश के लिए उम्मीदवार की आयु आवेदन वर्ष में कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए।

इसके अलावा अभ्यर्थी ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अंग्रेजी विषयों के साथ उत्तीर्ण की हो। साथ ही, NEET UG में संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित कटऑफ हासिल करना अनिवार्य है।

BAMS की काउंसलिंग कैसे होती है?

BAMS में प्रवेश दो स्तरों पर आयोजित काउंसलिंग के माध्यम से किया जाता है।

पहला चरण AACCC (Ayush Admissions Central Counseling Committee) की केंद्रीय काउंसलिंग का होता है। इसके माध्यम से सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों की 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (AIQ) सीटों के साथ-साथ डीम्ड विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय संस्थानों की BAMS सीटों पर प्रवेश दिया जाता है।

दूसरे चरण में प्रत्येक राज्य अपनी 85 प्रतिशत स्टेट कोटा सीटों और अधिकांश निजी आयुर्वेदिक कॉलेजों के लिए अलग राज्य स्तरीय AYUSH काउंसलिंग आयोजित करता है।

राज्य काउंसलिंग में किन बातों का रखें ध्यान?

राज्य स्तरीय काउंसलिंग में संबंधित राज्य के डोमिसाइल (निवास) और अन्य पात्रता नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए उम्मीदवारों को केवल केंद्रीय काउंसलिंग पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने राज्य की AYUSH काउंसलिंग की आधिकारिक वेबसाइट और कार्यक्रम पर भी नियमित नजर रखनी चाहिए।

कई बार केंद्रीय और राज्य काउंसलिंग की पंजीकरण तिथियां अलग-अलग होती हैं। समय पर आवेदन नहीं करने पर उम्मीदवार सीट आवंटन की प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं।

BAMS क्यों बन रहा है लोकप्रिय विकल्प?

हाल के वर्षों में आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ती रुचि के कारण BAMS की मांग लगातार बढ़ी है। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में आयुर्वेदिक चिकित्सकों के लिए अवसर बढ़ रहे हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा, शोध, शिक्षण, अस्पताल प्रबंधन और वेलनेस सेक्टर में भी BAMS स्नातकों के लिए रोजगार के नए विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं।

NEET UG 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समय रहते पात्रता, सीटों की संख्या और काउंसलिंग प्रक्रिया को समझना प्रवेश की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।

 

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed