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At Marwari University, 'Food Farmer' Revant Himatsingka told students to "become health-literate," noting that merely being educated is not enough

मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में फूड फार्मर रेवंत हिमतसिंहका ने छात्रों से कहा- ‘हेल्थ लिटरेट बनें’, सिर्फ पढ़े-लिखे होना काफी नहीं

At Marwari University, 'Food Farmer' Revant Himatsingka told students to "become health-literate," noting that merely being educated is not enough

राजकोट: भारत के प्रसिद्ध स्वास्थ्य जागरूकता अभियानकर्ता और सोशल मीडिया पर ‘फूड फार्मर’ (Food Pharmer) के नाम से लोकप्रिय रेवंत हिमतसिंहका ने मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य साक्षरता (Health Literacy) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सबसे अधिक शिक्षित पीढ़ियों में शामिल होने के बावजूद बड़ी संख्या में युवा स्वास्थ्य और पोषण संबंधी बुनियादी जानकारी से वंचित हैं।

रेवंत हिमतसिंहका भारत के प्रमुख हेल्थ एडवोकेट्स में गिने जाते हैं। उन्हें फोर्ब्स इंडिया की ‘टॉप 100 डिजिटल स्टार्स 2024’ सूची में 15वां स्थान मिला था। वे लोगों को स्वस्थ भोजन, पोषण और खाद्य उत्पादों के लेबल को समझने के प्रति जागरूक बनाने के लिए जाने जाते हैं। उनके ‘शुगर बोर्ड्स’ और ‘ऑयल बोर्ड्स’ जैसे अभियान देश के कई स्कूलों में अपनाए जा चुके हैं। वहीं, वर्ष 2023 में बॉर्नविटा से जुड़ा उनका वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था और इसके बाद नियामकीय स्तर पर भी कार्रवाई देखने को मिली।

मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में अपने संबोधन के दौरान रेवंत हिमतसिंहका ने ‘शिक्षित होने’ और ‘स्वास्थ्य साक्षर होने’ के बीच का अंतर समझाया। उन्होंने कहा कि केवल अकादमिक शिक्षा प्राप्त कर लेना पर्याप्त नहीं है। यदि कोई व्यक्ति यह नहीं समझता कि वह क्या खा रहा है, किसी खाद्य उत्पाद में क्या सामग्री है और उसका शरीर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, तो उसे पूरी तरह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं माना जा सकता।

उन्होंने छात्रों और उपस्थित प्रतिभागियों से कहा कि आज लोगों के पास पहले की तुलना में अधिक शिक्षा और जानकारी उपलब्ध है, लेकिन फिर भी अधिकांश लोग अपने भोजन की गुणवत्ता, पोषण मूल्य और खानपान की आदतों के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं रखते।

रेवंत ने भारत में तेजी से बढ़ रही जीवनशैली संबंधी बीमारियों, विशेष रूप से मधुमेह (डायबिटीज), पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि केवल अस्पतालों और सस्ती दवाओं के भरोसे देश की स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान नहीं किया जा सकता। बेहतर स्वास्थ्य के लिए लोगों को अपने भोजन और जीवनशैली के प्रति जागरूक होना होगा।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ भोजन से जुड़े सही निर्णय लेने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, बीमारियों की रोकथाम की दिशा में पहला कदम पोषण को समझना और यह जानना है कि हम रोजाना क्या खा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को खाद्य उत्पादों के लेबल, उनमें मौजूद सामग्री और अपनी खानपान की आदतों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया गया। इस सत्र ने यह संदेश भी दिया कि स्वास्थ्य साक्षरता केवल एक अतिरिक्त जानकारी नहीं, बल्कि जीवन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण कौशल है।

सोशल मीडिया पर ‘फूड फार्मर’ के नाम से लोकप्रिय रेवंत हिमतसिंहका ने खाद्य उत्पादों, पोषण संबंधी जानकारी और उपभोक्ता जागरूकता से जुड़े कंटेंट के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया है। मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में उनका व्याख्यान “छात्रों को भोजन से जुड़े सही निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाना और जीवनशैली संबंधी बीमारियों की रोकथाम में स्वास्थ्य साक्षरता का महत्व” विषय पर केंद्रित था।

इस कार्यक्रम ने छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खाद्य उत्पादों को समझदारी से चुनने और स्वास्थ्य संबंधी फैसले वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर लेने के लिए प्रेरित किया।

 

 

 

Asmita Sarkar

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