
हैदराबाद: गुरु नानक इंस्टीट्यूशंस टेक्निकल कैंपस (GNITC) ने 29 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की छठी वर्षगांठ के अवसर पर “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रमुख सुधार” विषय पर विशेष जागरूकता एवं विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संस्थान के नवाचार-आधारित शिक्षा और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के मिशन का हिस्सा था।
यह ऑनलाइन कार्यक्रम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग (AI&ML), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस (AI&DS) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) विभागों द्वारा संस्थान की इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (IIC 8.0) के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 480 से अधिक छात्रों और 20 शिक्षकों ने भाग लिया, जो शिक्षा नीति जागरूकता, नवाचार और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उच्च शिक्षा में NEP 2020 के प्रमुख सुधारों पर हुई चर्चा
दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित विशेषज्ञ सत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस सत्र ने प्रतिभागियों को भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली पर NEP 2020 के प्रभाव को गहराई से समझने का अवसर दिया।
चर्चा के दौरान NEP 2020 की कई परिवर्तनकारी विशेषताओं को रेखांकित किया गया, जिनमें बहुविषयक शिक्षा, कौशल-आधारित शिक्षण, नवाचार और उद्यमिता, आलोचनात्मक सोच एवं समस्या समाधान क्षमता, तकनीक-संचालित शिक्षा तथा विद्यार्थियों का समग्र विकास शामिल रहा।
विशेषज्ञों ने बताया कि ये सुधार छात्रों को तकनीक-समृद्ध वातावरण में भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं और उन्हें ज्ञान, कौशल तथा बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता प्रदान कर रहे हैं।
डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने साझा किए NEP 2020 के विजन पर विचार
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. आलोक कुमार गुप्ता, उपनिदेशक (अकादमिक) एवं विभागाध्यक्ष – विधिक एवं क्षमता निर्माण विभाग, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार थे।
डॉ. गुप्ता ने अपने शैक्षणिक और नीति संबंधी अनुभव के आधार पर NEP 2020 के क्रियान्वयन और उसके दीर्घकालिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नीति उच्च शिक्षा में लचीलापन, अंतरविषयक अध्ययन और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से आजीवन सीखने, नवाचार और परिणाम-आधारित शिक्षा को अपनाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने भारत में शिक्षा सुधारों की व्यापक तस्वीर को समझने और उसमें सक्रिय भागीदारी निभाने पर जोर दिया।
नवाचार और उद्यमिता आधारित शिक्षा के प्रति GNITC की प्रतिबद्धता
यह कार्यक्रम इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (IIC 8.0) के तहत आयोजित किया गया, जिसने कक्षा के बाहर भी नवाचार, उद्यमिता और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए GNITC की प्रतिबद्धता को मजबूत किया।
संस्थान ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए माननीय वाइस चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, डायरेक्टर, एसोसिएट डायरेक्टर और डीन (आर एंड डी) का आभार व्यक्त किया।
इसके साथ ही फैकल्टी समन्वयकों, इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल के सदस्यों और छात्रों के योगदान की भी सराहना की गई, जिनकी सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शिक्षा सुधारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को समझाने और शिक्षा जगत में जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान और जागरूकता कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जैसे-जैसे देश के शैक्षणिक संस्थान NEP 2020 के अनुरूप बदलावों को लागू कर रहे हैं, वैसे-वैसे छात्रों और शिक्षकों को इन सुधारों की जानकारी देना भी आवश्यक होता जा रहा है।
GNITC तकनीक-संचालित और कौशल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों को लगातार आगे बढ़ा रहा है। संस्थान नीति निर्माताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद को मजबूत करते हुए शिक्षा सुधारों पर सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।




Add comment