
शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केरल ने अपने स्कूली पाठ्यपुस्तकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एकीकृत कर एक अग्रणी पहल की है।
राज्य सरकार ने कक्षा 7 के छात्रों के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) पाठ्यक्रम के भीतर AI लर्निंग मॉड्यूल शुरू करने की योजना लॉन्च की है। केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस कदम से केरल भर में 4 लाख से अधिक छात्रों पर इसका असर पड़ेगा, जिन्हें आगामी शैक्षणिक वर्ष में AI के क्षेत्र में गहराई से जाने का अवसर मिलेगा। KITE के सीईओ अनवर सदाथ ने कहा कि ‘कंप्यूटर विज़न’ अध्याय की गतिविधियों में से एक में छात्रों को अपना स्वयं का AI प्रोग्राम बनाना शामिल होगा जो मानव चेहरे के भावों को पहचान सकता है।
उन्होंने कहा, “यह प्रोग्राम किसी व्यक्ति के चेहरे पर सात अलग-अलग भावनाओं को पहचानने में सक्षम होगा। यह भारत में पहली बार है कि एक कक्षा के सभी छात्रों को समान रूप से AI सीखने का अवसर मिल रहा है।” 3 जून, 2024 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक वर्ष में कक्षा 1, 3, 5 और 7 के लिए मलयालम, अंग्रेजी, तमिल और कन्नड़ माध्यमों में नई आईसीटी पाठ्यपुस्तकें होंगी। पाठ्यक्रम की रूपरेखा बच्चों की आलोचनात्मक सोच, विश्लेषणात्मक कौशल और समस्या-समाधान क्षमताओं के विकास पर जोर देती है, जो उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं।
सदाथ ने कहा, इस संदर्भ में प्राथमिक स्तर के लिए आईसीटी पाठ्यपुस्तकों में तार्किक सोच और प्रोग्रामिंग कौशल के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। छात्रों को प्रोग्रामिंग, एआई, रोबोटिक्स आदि का अभ्यास कराने के लिए पाठ्यक्रम में ‘पिक्टोब्लॉक्स’ पैकेज, ‘स्क्रैच’ सॉफ्टवेयर आदि शामिल किया गया है।
सामान्य शिक्षा विभाग की प्रौद्योगिकी शाखा केआईटीई, स्कूलों के लैपटॉप में कृत्रिम बुद्धिमता की ट्रेनिंग देने के लिए सभी आवश्यक सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराएगी। नये आईसीटी पाठ्यक्रमो में छात्रों को ट्राफिक नियम और कचरे के निपाटन के विषय में जानकारी देने के लिए गेमिंग मोड में सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। आईसीटी पाठ्यपुस्तक समिति के अध्यक्ष सादथ ने कहा कि नये बदलाव छात्रो को साईबर सुरक्षा और गलत समाचारों को पहचानने की सीख देंगे।




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