
देशभर के मेडिकल स्नातकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली NEET PG 2026 परीक्षा की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस वर्ष परीक्षा के लिए 2,73,183 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.5 प्रतिशत अधिक है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने परीक्षा को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने के लिए कई नए प्रावधान लागू किए हैं।
NEET PG 2026 का आयोजन 30 अगस्त 2026 को देशभर के लगभग 340 शहरों और 1,300 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) होगी और इस बार इसे एक ही शिफ्ट में आयोजित करने का फैसला लिया गया है, जिससे सभी उम्मीदवारों के लिए मूल्यांकन प्रक्रिया समान और निष्पक्ष बनी रहे।
एक शिफ्ट में परीक्षा से बढ़ेगी निष्पक्षता
पिछले वर्षों में अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित परीक्षाओं को लेकर सामान्यीकरण (Normalization) और समान अवसर जैसे मुद्दों पर चर्चा होती रही है। इसी पृष्ठभूमि में इस बार NEET PG को एक ही शिफ्ट में आयोजित किया जा रहा है। इससे सभी अभ्यर्थियों को समान प्रश्नपत्र और समान परीक्षा परिस्थितियां मिलेंगी, जिससे परिणामों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता मजबूत होगी।
NBEMS ने परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई है ताकि अधिक से अधिक उम्मीदवारों को अपने नजदीकी शहर में परीक्षा देने की सुविधा मिल सके और यात्रा संबंधी कठिनाइयों को कम किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने की तैयारी की समीक्षा
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने 1 अगस्त को परीक्षा तैयारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी ढांचे, निगरानी प्रणाली और अभ्यर्थियों की सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
स्वास्थ्य मंत्रालय और NBEMS को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत प्रणाली के तहत आयोजित की जाए। समीक्षा के दौरान यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की संभावना न रहे।
पेपर लीक की अफवाहों से सतर्क रहने की सलाह
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने अभ्यर्थियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि NEET PG का प्रश्नपत्र अत्यधिक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड प्रक्रिया के तहत परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले तैयार किया जाता है।
मंत्रालय के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध होने का दावा करता है, तो ऐसे दावे भ्रामक और फर्जी माने जाएं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल NBEMS और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की भी अपील की गई है।
इस बार क्या होंगे बड़े बदलाव?
NEET PG 2026 में उम्मीदवारों की सुविधा और परीक्षा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र चयन के लिए तीन राज्यों का विकल्प दिया गया है, जिससे केंद्र आवंटन प्रक्रिया अधिक लचीली हो सके।
परीक्षा शहर की जानकारी 1 अगस्त को जारी की जाएगी, जबकि एडमिट कार्ड 27 अगस्त से डाउनलोड किए जा सकेंगे। परीक्षा में कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे और इन्हें हल करने के लिए उम्मीदवारों को 210 मिनट का समय मिलेगा।
पहचान सत्यापन को मजबूत बनाने के लिए आवेदन और परीक्षा प्रक्रिया में आधार आधारित वेरिफिकेशन की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर आइरिस बायोमेट्रिक सत्यापन भी किया जा सकता है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर मल्टी-लेयर फ्रिस्किंग, बायोमेट्रिक जांच, सीसीटीवी निगरानी, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और तकनीकी ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
अभ्यर्थियों के लिए क्या है संदेश?
रिकॉर्ड संख्या में पंजीकरण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच NEET PG 2026 देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक बनने जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि उम्मीदवारों को अंतिम समय में अफवाहों से दूर रहकर केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए और अपनी तैयारी पर फोकस बनाए रखना चाहिए। परीक्षा से जुड़े सभी अपडेट NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट और स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त करने की सलाह दी गई है।




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