Edinbox Hindi
IIT Bombay’s driverless racing car makes history in Portugal, winning 6 major awards at Formula Student Portugal 2026

IIT Bombay की ड्राइवरलेस रेसिंग कार ने पुर्तगाल में रचा इतिहास, Formula Student Portugal 2026 में जीते 6 बड़े पुरस्कार

IIT Bombay’s driverless racing car makes history in Portugal, winning 6 major awards at Formula Student Portugal 2026

भारतीय तकनीक और युवा इंजीनियरिंग प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए आईआईटी बॉम्बे की स्वदेशी ड्राइवरलेस रेसिंग कार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी सफलता हासिल की है। पुर्तगाल में आयोजित Formula Student Portugal 2026 प्रतियोगिता में आईआईटी बॉम्बे रेसिंग टीम ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ड्राइवरलेस दोनों श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल छह पुरस्कार अपने नाम किए। इस उपलब्धि के साथ टीम ने वैश्विक स्तर पर भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का दमदार परिचय दिया है।

आईआईटी बॉम्बे की इस टीम ने भारत की पहली स्वदेशी ड्राइवरलेस फॉर्मूला रेसिंग कार के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि टीम ड्राइवरलेस श्रेणी में भाग लेने वाली भारत की पहली और एकमात्र फॉर्मूला स्टूडेंट टीम बनी। प्रतियोगिता में टीम ने समग्र प्रदर्शन, डिजाइन, दक्षता और नवाचार के आधार पर कई प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल किए।

दो साल की मेहनत से तैयार हुई अत्याधुनिक रेसिंग कार

इस कार को विकसित करने में छात्रों ने करीब दो वर्षों तक लगातार काम किया। टीम ने पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के आधार पर भारत की पहली सिंगल-पीस कार्बन फाइबर मोनोकोक चेसिस तैयार की। इसके अलावा इन-हाउस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और बैटरी सेल मॉडलिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का विकास भी स्वयं किया गया।

कार की सबसे बड़ी विशेषता इसकी डुअल-ऑपरेशन क्षमता है। केवल सॉफ्टवेयर में बदलाव करके यह कार ड्राइवरलेस और मैनुअल दोनों मोड में संचालित की जा सकती है। यही तकनीकी लचीलापन इसे अन्य रेसिंग वाहनों से अलग बनाता है।

80 छात्रों की टीम ने दिखाई इंजीनियरिंग क्षमता

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 80 छात्रों ने काम किया, जिनमें करीब 30 प्रतिशत छात्राएं शामिल थीं। टीम के अधिकांश सदस्य बीटेक कार्यक्रम से जुड़े छात्र हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कार को पूरी तरह अलग-अलग हिस्सों में खोलकर पुर्तगाल ले जाया गया। वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर टीम ने कार को दोबारा असेंबल किया और ट्रैक पर सफलतापूर्वक उतारा।

कार के अधिकांश पुर्जों का डिजाइन, निर्माण और परीक्षण आईआईटी बॉम्बे परिसर में ही किया गया, जो इस परियोजना की आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।

इन श्रेणियों में मिला शानदार प्रदर्शन का पुरस्कार

Formula Student Portugal 2026 में आईआईटी बॉम्बे रेसिंग टीम ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। टीम ने ड्राइवरलेस कप में समग्र प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन श्रेणी में भी ओवरऑल पहला स्थान हासिल किया। इंजीनियरिंग डिजाइन और दक्षता श्रेणी में भी टीम को प्रथम पुरस्कार मिला। लागत एवं निर्माण मूल्यांकन में दूसरा स्थान और बिजनेस प्लान प्रस्तुति में चौथा स्थान प्राप्त हुआ।

भविष्य की तकनीक पर भी काम जारी

आईआईटी बॉम्बे रेसिंग टीम अब भारत की पहली फोर-व्हील आउटबोर्ड मोटर ड्राइवट्रेन विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। टीम का दावा है कि इस नई तकनीक के इस्तेमाल से कार के कुल वजन में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी। वर्तमान में वाहन का वजन लगभग 258 किलोग्राम है और नई प्रणाली के जरिए इसे करीब 30 किलोग्राम तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदर्शन और ऊर्जा दक्षता दोनों में सुधार होगा।

भारतीय इंजीनियरिंग के लिए बड़ी उपलब्धि

Formula Student जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं दुनिया भर के विश्वविद्यालयों की इंजीनियरिंग टीमों के लिए प्रतिष्ठित मंच मानी जाती हैं। ऐसे में आईआईटी बॉम्बे की यह सफलता केवल संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वदेशी नवाचार की बढ़ती ताकत का भी प्रमाण है। यह उपलब्धि देश के युवाओं को उन्नत तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

 

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed