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ITI Education System Revamped with AI, Robotics and 32 Modern Trades; 30% Seats Reserved for Women

ITI एजुकेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव: AI-रोबोटिक्स जैसी 32 नई ट्रेड्स शुरू, महिलाओं के लिए 30% सीटें आरक्षित

ITI Education System Revamped with AI, Robotics and 32 Modern Trades; 30% Seats Reserved for Women

देश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) की शिक्षा व्यवस्था तेजी से बदल रही है। बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ITI पाठ्यक्रमों में बड़े सुधार किए हैं। अब ITI केवल पारंपरिक तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़े कोर्स भी शामिल किए जा रहे हैं।

केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित जवाब के दौरान बताया कि सरकार का उद्देश्य ITI से निकलने वाले युवाओं को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। इसी दिशा में देशभर के ITI नेटवर्क को आधुनिक बनाया जा रहा है।

ITI में 170 ट्रेड्स, इनमें 32 आधुनिक तकनीक आधारित कोर्स

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत कार्यरत प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के अनुरूप ITI पाठ्यक्रमों को अपडेट किया है। वर्तमान में शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (Craftsmen Training Scheme-CTS) के तहत 170 ट्रेड्स संचालित की जा रही हैं, जिनमें 32 आधुनिक और उभरती तकनीकों से जुड़ी ट्रेड्स शामिल हैं।

इन नई ट्रेड्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डिजिटल स्किल्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर टेक्नीशियन, सोलर टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल), मेकाट्रॉनिक्स टेक्नीशियन, विंड प्लांट टेक्नीशियन और न्यूक्लियर पावर प्लांट टेक्नीशियन जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ने वाले हैं। ऐसे में ITI छात्रों को इन नई तकनीकों का प्रशिक्षण देना उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करेगा।

उद्योगों की मांग के अनुसार बदल रहा है पाठ्यक्रम

सरकार के अनुसार ITI का पाठ्यक्रम अब स्थायी नहीं है, बल्कि समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाती है। नई तकनीकों, बदलते औद्योगिक मानकों, रोजगार के अवसरों और उद्योगों की मांग को ध्यान में रखते हुए ट्रेड्स और सिलेबस को अपडेट किया जाता है।

इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ITI से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के कौशल सीधे उद्योगों की जरूरतों से मेल खाएं और उन्हें रोजगार पाने में आसानी हो।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर

केंद्र सरकार ने ITI में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जयंत चौधरी ने लोकसभा में बताया कि देशभर की सरकारी और निजी ITI संस्थाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का निर्णय लिया गया है।

इसके साथ ही महिला अभ्यर्थियों के लिए कई विशेष ट्रेड्स भी संचालित की जा रही हैं। इनमें ड्रेस मेकिंग, सिलाई तकनीक, सरफेस ऑर्नामेंटेशन टेक्निक्स (कढ़ाई), कंप्यूटर एडेड एम्ब्रॉयडरी एंड डिजाइनिंग, फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, कॉस्मेटोलॉजी और स्पा थेरेपी जैसे कोर्स शामिल हैं।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि महिलाओं को केवल पारंपरिक ट्रेड्स तक सीमित रखने के बजाय AI, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी अधिक अवसर दिए जाने चाहिए, ताकि उनकी भागीदारी उच्च तकनीकी क्षेत्रों में बढ़ सके।

युवाओं के लिए क्या हैं नए अवसर?

भारत में विनिर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन, अक्षय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और डिजिटल तकनीक से जुड़े क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में ITI में शुरू की गई नई ट्रेड्स छात्रों को सीधे उन क्षेत्रों से जोड़ेंगी जहां आने वाले वर्षों में कुशल तकनीशियनों और विशेषज्ञों की मांग बढ़ने की संभावना है।

AI, IoT और सेमीकंडक्टर जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण पाने वाले छात्र न केवल निजी उद्योगों में बल्कि उभरते स्टार्टअप, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी बेहतर अवसर हासिल कर सकेंगे।

कौशल आधारित शिक्षा की ओर बढ़ता भारत

केंद्र सरकार का यह कदम कौशल आधारित शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ITI को आधुनिक तकनीकों और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने का उद्देश्य युवाओं को रोजगार योग्य बनाना और भारत को वैश्विक कौशल केंद्र के रूप में विकसित करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इन नई ट्रेड्स को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है और उद्योगों के साथ मजबूत साझेदारी बनाई जाती है, तो ITI आने वाले वर्षों में तकनीकी शिक्षा और रोजगार के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक बन सकते हैं।

 

Asmita Sarkar

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