
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए परिणाम के बाद उपलब्ध सेवाओं को लेकर नया नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने छात्रों को उनकी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने, अंकों के सत्यापन (Verification of Marks) और उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) की सुविधा शुरू कर दी है। यह व्यवस्था उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपने प्राप्त अंकों को लेकर संतुष्ट नहीं हैं या मूल्यांकन प्रक्रिया को समझना चाहते हैं।
सीबीएसई के अनुसार, वर्ष 2026 की मुख्य बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को घोषित किया गया था, जबकि दूसरी बोर्ड परीक्षा का परिणाम 18 जुलाई 2026 को जारी किया गया। परिणाम घोषित होने के बाद अब छात्र निर्धारित समय सीमा के भीतर विभिन्न सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
छात्रों को मिलेगी जांची गई उत्तर पुस्तिका देखने की सुविधा
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि उनकी कॉपी का मूल्यांकन किस प्रकार किया गया और प्रत्येक प्रश्न में कितने अंक दिए गए हैं।
जो छात्र केवल मुख्य बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे, वे संबंधित विषयों की जांची गई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के पात्र हैं। वहीं, जो छात्र मुख्य और दूसरी दोनों बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे, वे दोनों परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की सुविधा भी उपलब्ध
स्कैन कॉपी प्राप्त करने के बाद छात्र अपने अंकों के सत्यापन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिका में अंकों के जोड़, अंक दर्ज करने या गणना संबंधी संभावित त्रुटियों की जांच की जाती है।
इसके बाद यदि छात्र को किसी प्रश्न के मूल्यांकन को लेकर संदेह हो, तो वह संबंधित प्रश्न या प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि री-इवैल्यूएशन की सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी जिन्होंने पहले उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त की हो।
बोर्ड ने यह भी बताया है कि यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्र के अंक बढ़ते हैं, तो री-इवैल्यूएशन के लिए जमा की गई फीस वापस कर दी जाएगी।
आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां और शुल्क
सीबीएसई के नोटिस के अनुसार, जांची गई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रक्रिया 5 अगस्त से 9 अगस्त 2026 तक खुली रहेगी। इसके लिए छात्रों को 300 रुपये प्रति विषय शुल्क देना होगा।
अंकों के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन 16 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक किए जा सकेंगे। वेरिफिकेशन के लिए 300 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि री-इवैल्यूएशन के लिए 100 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क देना होगा।
कहां और कैसे मिलेगी स्कैन कॉपी?
आवेदन स्वीकृत होने के बाद जांची गई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी छात्र के सीबीएसई लॉगिन अकाउंट में उपलब्ध करा दी जाएगी। छात्र अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स की मदद से इसे देख और डाउनलोड कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कैन कॉपी देखने के बाद ही छात्रों को यह निर्णय लेना चाहिए कि उन्हें वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करना है या नहीं। इससे अनावश्यक आवेदन और अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।
आवेदन करने की प्रक्रिया
छात्रों को सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Re-evaluation/Verification of Marks सेक्शन में लॉगिन करना होगा। इसके बाद रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज कर संबंधित सेवा का चयन करना होगा। विषय चुनने के बाद निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर आवेदन जमा किया जा सकता है। आवेदन पूरा होने के बाद उसकी रसीद सुरक्षित रखना जरूरी है।
छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रक्रिया?
सीबीएसई की यह व्यवस्था मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका देखने, संभावित त्रुटियों की पहचान करने और आवश्यक होने पर पुनर्मूल्यांकन का अवसर मिलता है। कई मामलों में वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के बाद छात्रों के अंक बढ़े हैं, जिससे उनके कुल परिणाम और आगे की प्रवेश प्रक्रिया पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।




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