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First major talks held between students and the government in Jharkhand; decision on CBI probe pending, agitation continues

झारखंड में छात्रों और सरकार के बीच पहली बड़ी वार्ता, CBI जांच पर फैसला बाकी, आंदोलन जारी

First major talks held between students and the government in Jharkhand; decision on CBI probe pending, agitation continues

झारखंड में JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और CBI जांच की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का सत्याग्रह आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी बीच राज्य सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच पहली महत्वपूर्ण औपचारिक बैठक हुई, जिसमें विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग, भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच, पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक इस मुद्दे पर ठोस फैसला नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

दो घंटे चली सरकार और छात्रों की बैठक

रांची स्थित राजकीय अतिथिशाला में हुई बैठक करीब दो घंटे तक चली। इसमें छात्र प्रतिनिधिमंडल और राज्य सरकार के मंत्रियों के बीच भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन विस्तृत जानकारी साझा करने से परहेज किया। इससे यह संकेत मिला कि कई मुद्दों पर चर्चा आगे भी जारी रहेगी और अंतिम निर्णय अगले दौर की बैठकों में लिया जा सकता है।

छात्र नेताओं ने बताया सकारात्मक संकेत

बैठक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार के साथ यह उनकी पहली औपचारिक बातचीत थी और माहौल बेहद सकारात्मक रहा। उनके अनुसार, छात्र प्रतिनिधियों को अपनी बात विस्तार से रखने का अवसर मिला और सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना।

उन्होंने कहा कि छात्र समुदाय को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए उचित निर्णय करेंगे। रविंद्र पासवान ने यह भी कहा कि यह केवल बातचीत का पहला चरण है और आगे की बैठकों में मांगों पर विस्तृत चर्चा होगी।

सरकार ने गंभीरता से सुनी छात्रों की मांगें

राज्य सरकार की ओर से बैठक में शामिल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई और उनकी सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को समझती है और सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करेगी। उनके अनुसार, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों और छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों पर संबंधित स्तर पर चर्चा और समीक्षा की जाएगी।

CBI जांच पर अटका सबसे बड़ा मुद्दा

हालांकि कई मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई, लेकिन आंदोलन का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा CBI जांच ही बना हुआ है। छात्र लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।

बैठक के बाद छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार ने अन्य मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन CBI जांच को लेकर अभी कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है। इसी वजह से सत्याग्रह आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा।

छात्रों का कहना है कि आंदोलन का भविष्य अब मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित अगली बैठक पर निर्भर करेगा। यदि CBI जांच की मांग पर संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को आगे भी जारी रखने पर विचार किया जाएगा।

कौन-कौन रहा बैठक में शामिल?

सरकार और छात्रों के बीच हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता में 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। प्रतिनिधिमंडल में आनंद कुमार, अंकित कुमार, रविंद्र कुमार, पतंजलि मंडल, रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी और नीतू कुजूर समेत अन्य छात्र प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा विकास आयुक्त अजय सिंह, रांची के उपायुक्त (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भी बैठक में उपस्थित रहे।

अब मुख्यमंत्री से मुलाकात पर टिकी उम्मीदें

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले दो सप्ताह से लगातार चर्चा में है। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और भविष्य में निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

अब सभी की नजर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली बैठक पर है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में CBI जांच सहित प्रमुख मांगों पर अंतिम फैसला हो सकता है। इसके बाद ही छात्र आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगे।

राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में भी इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका असर राज्य की भर्ती प्रक्रियाओं और लाखों प्रतियोगी छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

 

 

 

Asmita Sarkar

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