Edinbox Hindi
MBBS Abroad: Which Countries’ Medical Degrees May Qualify for FMGE Exemption? Know the Rules Before You Apply 

MBBS Abroad: किन देशों की मेडिकल डिग्री पर मिल सकती है FMGE से छूट? विदेश में पढ़ाई से पहले जानें NMC के नियम

MBBS Abroad: Which Countries’ Medical Degrees May Qualify for FMGE Exemption? Know the Rules Before You Apply 

भारत में हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET परीक्षा में शामिल होते हैं। हालांकि मेडिकल कॉलेजों में सीटों की सीमित संख्या और कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण बड़ी संख्या में छात्र विदेशों का रुख करते हैं। रूस, चीन, कजाकिस्तान, जॉर्जिया, फिलीपींस और अन्य देशों के अलावा कई छात्र अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी मेडिकल शिक्षा हासिल करते हैं।

लेकिन विदेश से मेडिकल डिग्री लेने के बाद भारत में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करना केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। इसके लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। कई मामलों में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को भारत में पंजीकरण के लिए विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (FMGE) या लागू राष्ट्रीय लाइसेंसिंग परीक्षा की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में चुनिंदा देशों की मेडिकल योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को FMGE से छूट मिल सकती है।

FMGE क्या है और क्यों जरूरी है?

FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) एक लाइसेंसिंग परीक्षा है, जिसे भारत में विदेशी मेडिकल डिग्री धारकों की योग्यता का आकलन करने के लिए आयोजित किया जाता है। इसका संचालन राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBEMS) करता है।

भारत के बाहर से MBBS या समकक्ष मेडिकल डिग्री प्राप्त करने वाले अधिकांश भारतीय छात्रों को भारत में मेडिकल रजिस्ट्रेशन हासिल करने के लिए यह परीक्षा पास करनी होती है। यही कारण है कि विदेश में मेडिकल पढ़ाई चुनने से पहले संबंधित देश की डिग्री की मान्यता और NMC के नियमों को समझना बेहद जरूरी है।

अमेरिका की मेडिकल डिग्री पर क्या हैं नियम?

अमेरिका में मेडिकल शिक्षा का ढांचा भारत से अलग है। यहां छात्र पहले स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी करते हैं और उसके बाद मेडिकल स्कूल में प्रवेश लेकर MD कार्यक्रम करते हैं। पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर आठ वर्ष तक का समय लग सकता है।

NMC के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, अमेरिका में मान्यता प्राप्त मेडिकल संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर वहां की आवश्यक लाइसेंसिंग प्रक्रिया पूरी करने वाले कुछ उम्मीदवारों को विशेष परिस्थितियों में FMGE से छूट मिल सकती है। हालांकि यह छूट स्वतः लागू नहीं होती और इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होता है।

ब्रिटेन की मेडिकल शिक्षा और भारत में मान्यता

यूनाइटेड किंगडम (UK) दुनिया के सबसे लोकप्रिय मेडिकल शिक्षा केंद्रों में से एक है। यहां मेडिकल कोर्स आमतौर पर पांच से छह वर्ष का होता है और छात्रों को पढ़ाई के दौरान व्यापक क्लिनिकल प्रशिक्षण दिया जाता है।

ब्रिटेन से मेडिकल डिग्री प्राप्त करने वाले भारतीय छात्रों के लिए भी भारत में पंजीकरण संबंधी विशेष नियम लागू होते हैं। यदि उम्मीदवार संबंधित नियामकीय संस्थाओं की आवश्यकताओं और NMC की पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, तो उन्हें FMGE से छूट मिलने की संभावना हो सकती है।

कनाडा में मेडिकल पढ़ाई का रास्ता

कनाडा की मेडिकल शिक्षा प्रणाली भी काफी हद तक अमेरिका जैसी है। यहां छात्र पहले स्नातक शिक्षा पूरी करते हैं और उसके बाद मेडिकल स्कूल में प्रवेश प्राप्त करते हैं। मेडिकल प्रशिक्षण के दौरान क्लिनिकल अनुभव और अस्पताल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाता है।

कनाडा की मान्यता प्राप्त मेडिकल योग्यता रखने वाले कुछ उम्मीदवारों के लिए भी भारत में विशेष प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन अंतिम पात्रता NMC के नियमों के आधार पर तय होती है।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड क्यों बन रहे हैं लोकप्रिय विकल्प?

पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भारतीय छात्रों के बीच मेडिकल शिक्षा के लिए लोकप्रिय गंतव्य बनकर उभरे हैं। ऑस्ट्रेलिया में मेडिकल कोर्स आमतौर पर पांच से छह वर्ष का होता है, जबकि न्यूजीलैंड में यह अवधि लगभग छह वर्ष तक हो सकती है।

इन दोनों देशों में पढ़ाई के दौरान छात्रों को अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। निर्धारित पात्रता और लाइसेंसिंग शर्तों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों के लिए भारत में FMGE से छूट के प्रावधान लागू हो सकते हैं।

विदेश में MBBS से पहले क्या जांचना जरूरी है?

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश में मेडिकल पढ़ाई का निर्णय केवल फीस या प्रवेश की उपलब्धता को देखकर नहीं लेना चाहिए। छात्रों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिस विश्वविद्यालय में वे प्रवेश ले रहे हैं, वह NMC के नियमों के अनुरूप मान्यता प्राप्त हो।

इसके अलावा कोर्स की अवधि, इंटर्नशिप, क्लिनिकल प्रशिक्षण, स्थानीय लाइसेंसिंग आवश्यकताएं और भारत में डिग्री की मान्यता जैसे पहलुओं की भी पूरी जानकारी लेनी चाहिए। यह समझना भी जरूरी है कि FMGE से छूट हर विदेशी मेडिकल डिग्री पर लागू नहीं होती।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

विदेश में MBBS करने की योजना बना रहे छात्रों को प्रवेश लेने से पहले राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम दिशा-निर्देशों का अध्ययन करना चाहिए। नियम समय-समय पर बदल सकते हैं और पात्रता की शर्तें भी अलग-अलग हो सकती हैं।

सही जानकारी के साथ लिया गया निर्णय न केवल मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है, बल्कि भारत लौटने के बाद डॉक्टर के रूप में करियर बनाने का रास्ता भी आसान बनाता है।

 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed