
आज के तेजी से बदलते रोजगार और व्यवसायिक माहौल में उच्च शिक्षा संस्थान केवल कक्षा आधारित पढ़ाई तक सीमित नहीं रहना चाहते। विश्वविद्यालय और प्रबंधन संस्थान अब छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों और अवसरों से परिचित कराने पर भी जोर दे रहे हैं। इसी दिशा में उद्योग जगत के नेताओं, उद्यमियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के साथ संवाद को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है, ताकि छात्र समझ सकें कि सफल व्यवसाय कैसे खड़े होते हैं, करियर किस तरह विकसित होते हैं और नई तकनीकें कार्यस्थलों को किस प्रकार बदल रही हैं।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु (IIM Bangalore) में 7 से 9 अगस्त तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय बिजनेस और उद्यमिता महोत्सव VENIX 2026 ने छात्रों को सीखने और नेटवर्किंग का एक बड़ा मंच प्रदान किया। “Nexus of Possibilities” थीम पर आधारित इस तीन दिवसीय आयोजन में छात्र, कॉरपोरेट प्रतिनिधि, उद्यमी, नवप्रवर्तक, निवेशक और नीति निर्माता एक साथ जुटे। यह आयोजन आईआईएम बेंगलुरु के पहले के दो प्रमुख महोत्सवों Vista और Eximius के एकीकरण के बाद आयोजित किया गया।
महोत्सव का उद्घाटन इस विचार के साथ हुआ कि संस्थानों में जन्म लेने वाले विचार केवल परिसर तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और देश के विकास में भी योगदान दें। आईआईएम बेंगलुरु के कार्यवाहक निदेशक प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि इस मंच से निकलने वाले विचार राष्ट्र निर्माण की दिशा में सार्थक योगदान देने वाले होने चाहिए।
उद्घाटन सत्र में सफल करियर और उद्यम निर्माण के लिए आवश्यक व्यापक कौशलों पर भी चर्चा हुई। मुख्य अतिथि और पद्मश्री सम्मानित ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. जॉन एबनेज़र ने पेशेवर जीवन में बौद्धिक, भावनात्मक और शारीरिक संतुलन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को उद्देश्यपूर्ण दृष्टिकोण के साथ उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में तकनीक और बदलती रोजगार आवश्यकताओं पर भी विशेष चर्चा हुई। विप्रो के टेक्नोलॉजी सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं सीएचआरओ प्रसाद गंतासाई ने कहा कि अब केवल तकनीक को समझना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वास्तविक समस्याओं के समाधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी उपयोग भी जरूरी हो गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य के पेशेवरों को जटिल समस्याओं का समाधान करने, जिम्मेदारी लेने और भरोसा कायम करने जैसे कौशल विकसित करने होंगे।
महोत्सव के दूसरे दिन करियर विकास, नेतृत्व और जिम्मेदार व्यवसाय जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। टाइटन कंपनी के पूर्व प्रबंध निदेशक और The Tanishq Story के लेखक सी.के. वेंकटरमण ने कार्यस्थल के बाहर भी रुचियां विकसित करने और अपने पेशे के प्रति भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
एक अन्य सत्र में गोल्डमैन सैक्स के को-हेड केनेथ कास्टेलिनो ने करियर विकास और मेंटरशिप की भूमिका पर चर्चा की। भौतिकी शोध से लेकर गोल्डमैन सैक्स में दो दशक लंबे अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता की ओर लगातार प्रयास करने के साथ-साथ मजबूत टीम का महत्व समझना भी आवश्यक है।
VENIX 2026 में व्यवसाय के उद्देश्य और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी चर्चा हुई। कॉन्शियस कैपिटलिज्म विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में निष्पक्षता, उद्देश्य, लाभ और सामाजिक उत्तरदायित्व के बीच संतुलन जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। इस चर्चा में 3one4 Capital के मैनेजिंग पार्टनर एवं सीआईओ प्रणव पाई, निवेशक एवं The Takshashila Institution के सह-संस्थापक नारायण रामचंद्रन, आईआईएम बेंगलुरु के पूर्व प्रोफेसर बी. महादेवन और JCSS के मालिक श्रीकांत बालकृष्णन शामिल रहे।
दूसरे दिन का एक प्रमुख विषय करियर से जुड़े फैसले भी रहे। लेखक और स्टोरीटेलर संदीप दास (PGP’09) ने छात्रों को करियर विकल्प चुनते समय केवल अवसर के आकार या लोकप्रियता के आधार पर निर्णय न लेने की सलाह दी। उनके सत्र में बातचीत, दबाव प्रबंधन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक करियर योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।
महोत्सव के अंतिम दिन भारत में उद्यमिता और व्यवसाय निर्माण पर केंद्रित चर्चाएं हुईं। “Building in India: Beyond the Headlines” शीर्षक सत्र में Square Yards की सह-संस्थापक एवं सीओओ कनिका गुप्ता शोरी और Go Zero के संस्थापक किरण शाह ने अपने अनुभव साझा किए।
किरण शाह ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार के 1971 में स्थापित आइसक्रीम ब्रांड Apsara से अलग होकर Go Zero की स्थापना की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय के लिए समय के साथ बदलना और आगे बढ़ना जरूरी है। वहीं कनिका गुप्ता शोरी ने उद्यमिता की अपनी यात्रा और Square Yards को खड़ा करने के दौरान सामने आई चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि व्यवसाय शुरू करने के साथ-साथ एक नई मां की भूमिका निभाना भी उनके लिए एक बड़ा अनुभव रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन छात्रों को कक्षा में सीखी गई अवधारणाओं को वास्तविक दुनिया के अनुभवों से जोड़ने का अवसर देते हैं। उद्यमिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेतृत्व, उद्देश्य और अनुकूलन क्षमता जैसे विषयों पर केंद्रित यह महोत्सव इस बात का संकेत है कि उच्च शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब केवल तकनीकी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं माना जा रहा, बल्कि समस्या समाधान, सहयोग, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व कौशल भी सफलता के लिए उतने ही महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं।




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