
प्रख्यात कॉर्पोरेट वकील सिरिल श्रॉफ और भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद (IIMA) ने जनरल काउंसल्स (GCs) के लिए नेतृत्व विकास और एग्जीक्यूटिव एजुकेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत “सिरिल श्रॉफ–IIMA GC लीडरशिप अकादमी” की स्थापना की गई है।
इस अकादमी का औपचारिक शुभारंभ 8 अगस्त 2026 को IIMA परिसर में किया गया। इसका उद्देश्य जनरल काउंसल्स की बदलती भूमिका को ध्यान में रखते हुए उन्हें नई चुनौतियों और जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है। आज के समय में जनरल काउंसल्स की भूमिका केवल कानूनी सलाह तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वे व्यवसायिक रणनीति, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, जोखिम प्रबंधन और तकनीकी बदलावों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
अकादमी का फोकस चार प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा। इनमें बोर्डरूम और एंटरप्राइज लीडरशिप, बिजनेस-फाइनेंस और रणनीति का एकीकरण, प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े उभरते जोखिम, तथा वैश्विक स्तर पर सहकर्मी सीखने और विचार नेतृत्व को बढ़ावा देना शामिल है।
यह पहल IIMA की प्रबंधन शिक्षा और शोध विशेषज्ञता का लाभ उठाएगी। संस्थान की रणनीति, वित्त, संगठनात्मक व्यवहार, वार्ता कौशल, निर्णय विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सार्वजनिक नीति जैसे क्षेत्रों में मजबूत अकादमिक क्षमता को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इन विषयों को इन-हाउस लीगल काउंसल्स की पेशेवर और कानूनी आवश्यकताओं के साथ जोड़ा जाएगा ताकि प्रतिभागियों को व्यापक नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसर मिल सके।
अकादमी के माध्यम से एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, प्रमाणन (सर्टिफिकेशन), पीयर-लर्निंग और ज्ञान निर्माण से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य कानूनी पेशेवरों को केवल कानूनी विशेषज्ञता तक सीमित न रखते हुए उन्हें संगठनात्मक नेतृत्व और रणनीतिक निर्णय लेने जैसी व्यापक जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है।
IIMA के निदेशक प्रोफेसर भारत भास्कर ने कहा कि यह पहल कानून, व्यवसाय और गवर्नेंस के संगम पर केंद्रित होगी। इसके माध्यम से कानूनी सलाहकारों को एंटरप्राइज लीडरशिप, वित्त और तकनीक जैसे क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित करने का अवसर मिलेगा।
सिरिल अमरचंद मंगलदास के संस्थापक एवं प्रबंध भागीदार सिरिल श्रॉफ ने कहा कि यह अकादमी इन-हाउस काउंसल समुदाय के भीतर नेतृत्व विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि जनरल काउंसल्स की भूमिका तेजी से बदल रही है और अब इसमें गवर्नेंस, रणनीति, तकनीक, जोखिम प्रबंधन तथा बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन जैसे महत्वपूर्ण आयाम शामिल हो गए हैं।
IIMA में इस अकादमी का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर संदीप चक्रवर्ती और प्रोफेसर रंजन घोष ने बताया कि कार्यक्रमों को केस-आधारित और बहु-विषयक शिक्षण पद्धति पर विकसित किया जाएगा। इसमें रणनीति, वित्त, तकनीक, गवर्नेंस और नेतृत्व से जुड़े विषयों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।
सिरिल अमरचंद मंगलदास की पार्टनर (हेड–गुजरात) और फाउंडर फैमिली सदस्य परिधि अडानी ने कहा कि यह अकादमी नेतृत्व शिक्षा, प्रमाणन, सहकर्मी सीखने और वैश्विक अनुभव को एक मंच पर लाएगी। उन्होंने कहा कि IIMA की अकादमिक विशेषज्ञता और फर्म की उद्योग समझ मिलकर जनरल काउंसल्स की बदलती भूमिका के अनुरूप एक मजबूत शिक्षण मॉडल तैयार करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में एग्जीक्यूटिव एजुकेशन पारंपरिक पेशेवर सीमाओं से आगे बढ़कर बहुआयामी नेतृत्व कौशल विकसित करने पर जोर दे रही है। ऐसे में यह पहल कानूनी पेशेवरों के लिए प्रबंधन शिक्षा और कानूनी विशेषज्ञता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम कर सकती है। इससे उन्हें संगठनों में बढ़ती रणनीतिक और नेतृत्व संबंधी अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी।
यह अकादमी सिरिल श्रॉफ और IIMA की साझेदारी के तहत स्थापित की गई है, जबकि संस्थान की ओर से प्रोफेसर संदीप चक्रवर्ती और प्रोफेसर रंजन घोष इस पहल का नेतृत्व कर रहे हैं।




Add comment