
स्वास्थ्य सेवाओं में Effective Communication यानी प्रभावी संवाद को क्लिनिकल नॉलेज और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ तेजी से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए मरीजों, सहकर्मियों और अलग-अलग विशेषज्ञों वाली मेडिकल टीम के साथ स्पष्ट तरीके से बातचीत करने की क्षमता मरीज की सुरक्षा, इलाज के बेहतर समन्वय और स्वास्थ्य सेवाओं के परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
भारत के हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर तलाशने के साथ इन Communication Skills की जरूरत और ज्यादा महसूस की जा रही है। UK, Australia, New Zealand और Ireland जैसे देश लगातार भारतीय हेल्थकेयर वर्कर्स को आकर्षित कर रहे हैं। इसके चलते अलग-अलग देशों की हेल्थकेयर व्यवस्था में काम करने के लिए जरूरी Communication Skills पर भी ध्यान बढ़ा है।
इसी पृष्ठभूमि में Occupational English Test (OET) और International Institute of Medical Sciences and Technical Council (IIMSTC) ने हेल्थकेयर कम्युनिकेशन और प्रोफेशनल डेवलपमेंट से जुड़ी पहलों के लिए एक Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
हेल्थकेयर कम्युनिकेशन को मजबूत करने पर जोर
इस साझेदारी के तहत एजुकेशनल प्रोग्राम, वर्कशॉप, फैकल्टी एंगेजमेंट और नॉलेज शेयरिंग से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य हेल्थकेयर छात्रों, शिक्षकों और प्रोफेशनल्स के बीच उनके संबंधित मेडिकल प्रोफेशन के अनुसार Communication Skills को मजबूत करना है।
दोनों संस्थाएं अंतरराष्ट्रीय हेल्थकेयर सेक्टर में काम करने के लिए जरूरी Communication Standards को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी काम करेंगी।
इस साझेदारी में OET की Healthcare-specific English Language Assessment की विशेषज्ञता और IIMSTC का हेल्थकेयर संस्थानों एवं प्रोफेशनल्स का नेटवर्क एक साथ आएगा। IIMSTC के अनुसार, उसके नेटवर्क में भारत और विदेशों के 100 से अधिक विश्वविद्यालय शामिल हैं। इस पहल के जरिए हेल्थकेयर एजुकेशन से जुड़े छात्रों और प्रोफेशनल्स तक पहुंचने की योजना है।
हेल्थकेयर एजुकेशन में Communication Skills की बढ़ती भूमिका
शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह साझेदारी प्रोफेशनल हेल्थकेयर एजुकेशन में Communication Skills की बढ़ती भूमिका को भी सामने लाती है। हेल्थकेयर में Communication Training को केवल सामान्य भाषा कौशल के रूप में देखने के बजाय संबंधित मेडिकल प्रोफेशन और क्लिनिकल सेटिंग की जरूरतों के अनुसार विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
OET के अनुसार, वर्तमान में वह 12 हेल्थकेयर प्रोफेशन में Communication Skills का आकलन करता है और दुनियाभर में 550 से अधिक संस्थान इसे स्वीकार करते हैं। 100 से ज्यादा देशों के हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स रजिस्ट्रेशन, रोजगार और पढ़ाई सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए OET का इस्तेमाल करते हैं।
इस साझेदारी पर OET के साउथ एशिया रीजनल डायरेक्टर अमित उपाध्याय ने कहा कि प्रभावी संवाद बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग का उद्देश्य विदेशों में अवसर तलाशने वाले भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को बेहतर तैयारी में मदद करना है।
वहीं, IIMSTC के चेयरमैन डॉ. श्रीधर सरस्वती ने कहा कि यह साझेदारी संस्था के प्रोफेशनल डेवलपमेंट पर फोकस और हेल्थकेयर ग्रेजुएट्स के बीच अंतरराष्ट्रीय अवसरों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों के अनुरूप है।
विदेश में नौकरी के अलावा भी Communication Skills जरूरी
बेहतर हेल्थकेयर कम्युनिकेशन का महत्व केवल विदेश में नौकरी पाने तक सीमित नहीं है। भारतीय हेल्थकेयर संस्थानों का अंतरराष्ट्रीय मरीजों, प्रोफेशनल्स और संस्थानों के साथ जुड़ाव बढ़ रहा है। ऐसे में Communication Skills मरीजों की जरूरतों पर आधारित इलाज, अलग-अलग विशेषज्ञों के बीच बेहतर सहयोग और विभिन्न हेल्थकेयर सेटिंग्स के बीच इलाज के बेहतर समन्वय में भी मदद कर सकती हैं।
दोनों संस्थानों की ओर से आने वाले महीनों में संयुक्त कार्यक्रम शुरू किए जाने की उम्मीद है। इन कार्यक्रमों में Healthcare Communication, International Standards और Professional Readiness पर खास ध्यान दिया जाएगा।
घोषणा के अनुसार, इस पहल के जरिए हर साल 5,000 से अधिक हेल्थकेयर संस्थानों और करीब 10 लाख शिक्षार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य है।




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