
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा देशभर के सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष व अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 5 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-अंडरग्रेजुएट (NEET UG) परीक्षा को फिर से कराने की मांग की गयी है। इस मांग को लेकर अभ्यर्थियों के एक समूह ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है।
शिवांगी मिश्रा और अन्य द्वारा दायर याचिका में एनटीए को एक पक्ष बनाया गया है और नए सिरे से एनईईटी-यूजी 2024 परीक्षा आयोजित करने के लिए निर्देश देने की मांग करते हुए पेपर लीक और परीक्षा की पवित्रता का मुद्दा उठाया गया है। बता दें कि
यह परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी और इसके नतीजे 14 जून को घोषित होने की उम्मीद है।
याचिका में आरोप लगाया गया कि 5 मई को आयोजित एनईईटी-यूजी परीक्षा कदाचार से भरी थी क्योंकि याचिकाकर्ताओं के संज्ञान में पेपर लीक के विभिन्न मामले सामने आए थे। कथित पेपर लीक संविधान के तहत अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन था क्योंकि इससे कुछ उम्मीदवारों को अन्य लोगों की तुलना में अनुचित लाभ मिलता था जिन्होंने निष्पक्ष तरीके से परीक्षा देने का विकल्प चुना था।
बता दें कि नीट यूजी 2024 परीक्षा का आयोजन 5 मई को देश भर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किया गया था। इसमें करीब 24 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने की पोस्ट वायरल होने के बाद एनटीए ने अपना बयान जारी कर कहा था कि नीट यूजी 2024 का पेपर लीक नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैलाई जा रही है।
वहीं राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2024 पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट (SC) ने रिजल्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर इस साल प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की मांग की गई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से इस मामले में जवाब ज़रूर मांगा था और कहा था कि जुलाई में मामले की अगली सुनवाई होगी।




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