
Delhi Class 9 R3 Rule: दिल्ली में कक्षा 9 के विद्यार्थियों को तीसरी भाषा यानी R3 (Third Language) को लेकर बड़ी राहत मिली है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने अपने पहले के आदेश में किए गए उस प्रावधान को वापस ले लिया है, जिसके कारण कक्षा 9 में R3 में पास नहीं होने वाले विद्यार्थियों की कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा की पात्रता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
अब इस मामले में CBSE की लागू व्यवस्था को आधार बनाया जाएगा। इसका मतलब है कि कक्षा 9 में तीसरी भाषा पढ़ना और उसका मूल्यांकन जरूरी रहेगा, लेकिन केवल R3 में पास नहीं होने के आधार पर विद्यार्थी को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा से रोकने की अलग शर्त नहीं लगाई जाएगी।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब CBSE ने 2026-27 सत्र से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषा की व्यवस्था को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। CBSE ने 29 जून 2026 को स्पष्ट किया था कि 2026-27 में कक्षा 9 के सभी विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी और इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।
R3 को लेकर क्या था विवाद?
दिल्ली शिक्षा निदेशालय की पहले की व्यवस्था में कक्षा 9 की परीक्षा और प्रमोशन से जुड़े नियमों में R3 को लेकर अतिरिक्त शर्त शामिल की गई थी। इसके कारण ऐसी स्थिति बन रही थी कि कोई विद्यार्थी कक्षा 9 में तीसरी भाषा में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाता, लेकिन बाकी प्रमोशन शर्तें पूरी करता है, तो वह कक्षा 10 में जा सकता है। हालांकि, उसके लिए कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में बैठने से पहले R3 को पास करना जरूरी बताया गया था।
यही प्रावधान सवालों के घेरे में आया, क्योंकि इससे CBSE की तीन भाषा व्यवस्था और दिल्ली की प्रमोशन नीति के बीच भ्रम की स्थिति बन रही थी।
अब शिक्षा निदेशालय ने करेक्शन जारी कर इस अतिरिक्त पात्रता शर्त को हटा दिया है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को यह स्पष्ट हो गया है कि सिर्फ R3 में असफल होने के कारण कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा का रास्ता बंद नहीं होगा।
CBSE की नई तीन भाषा नीति में क्या है R3 का नियम?
CBSE ने 2026-27 सत्र से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषा की व्यवस्था लागू की है। बोर्ड के अनुसार, कक्षा 9 में हर विद्यार्थी को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी और इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं (Bhartiya Bhashas) होनी चाहिए। यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और National Curriculum Framework for School Education की दिशा के अनुरूप लाई गई है।
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि 2026-27 में कक्षा 10 में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर यह नई तीन भाषा व्यवस्था लागू नहीं होगी। वे पुराने दो-भाषा सिस्टम के तहत ही आगे बढ़ेंगे। नई व्यवस्था इस सत्र में कक्षा 9 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से शुरू हुई है।
R3 के तौर पर विद्यार्थी परिस्थिति के अनुसार दूसरी भारतीय भाषा या कुछ गैर-मातृ भाषाओं का विकल्प चुन सकते हैं। CBSE ने इस बदलाव को लेकर अलग-अलग स्थितियों के उदाहरण भी जारी किए हैं ताकि विद्यार्थियों को भाषा चुनने में परेशानी न हो।
R3 की पढ़ाई खत्म नहीं हुई है
दिल्ली शिक्षा निदेशालय द्वारा पात्रता से जुड़ी शर्त वापस लेने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि तीसरी भाषा को कक्षा 9 के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है।
कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषा पढ़ने की CBSE की व्यवस्था जारी है। इसलिए विद्यार्थियों को R3 की पढ़ाई करनी होगी और स्कूल स्तर पर उसका मूल्यांकन भी होगा।
यानी R3 पढ़ना जरूरी है, लेकिन केवल R3 में प्रदर्शन खराब होने को कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में बैठने की अलग पात्रता शर्त के तौर पर नहीं जोड़ा जाएगा।
यह अंतर विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए समझना बेहद जरूरी है।
9वीं में छह विषयों से जुड़ेगा प्रमोशन
दिल्ली में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 9 की परीक्षा और प्रमोशन व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं। नई व्यवस्था में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और प्रमोशन के लिए छह मुख्य विषयों को आधार बनाया गया है।
इनमें भाषा-1, भाषा-2, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) शामिल हैं।
इसके अलावा Individuals in Society, Art Education तथा Physical Education and Well Being को भी अनिवार्य पाठ्यचर्या क्षेत्रों में रखा गया है। इन क्षेत्रों का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा।
इस व्यवस्था में व्यावसायिक शिक्षा को भी अधिक महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक अकादमिक विषयों तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक और रोजगार से जुड़े कौशल से जोड़ना है।
दिल्ली के विद्यार्थियों के लिए इसका क्या मतलब है?
दिल्ली के कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण राहत यह है कि R3 में कमजोर प्रदर्शन को लेकर अब कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा की पात्रता पर अलग से चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।
हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि विद्यार्थी तीसरी भाषा को नजरअंदाज कर दें। तीन भाषा की व्यवस्था कक्षा 9 के लिए लागू है और R3 का स्कूल स्तर पर मूल्यांकन जारी रहेगा।
विद्यार्थियों को इसलिए R3 सहित सभी निर्धारित विषयों की पढ़ाई करनी चाहिए और अपने स्कूल द्वारा जारी परीक्षा व प्रमोशन संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
अभिभावक और छात्र क्या करें?
नई व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया या अनौपचारिक जानकारी के आधार पर फैसला लेने के बजाय विद्यार्थियों और अभिभावकों को अपने स्कूल से लागू नियमों की पुष्टि करनी चाहिए। खासकर भाषा चयन, आंतरिक मूल्यांकन और प्रमोशन से जुड़े नियमों को स्कूल के निर्देशों के अनुसार समझना जरूरी है।
CBSE ने तीन भाषा नीति को लेकर अपनी आधिकारिक गाइडलाइंस जारी की हैं और बोर्ड की वेबसाइट पर परीक्षा व पाठ्यक्रम से जुड़े नए निर्देश भी लगातार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
दिल्ली शिक्षा निदेशालय का नया करेक्शन इस लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे R3 और कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा की पात्रता के बीच पैदा हुई भ्रम की स्थिति कम होती है। विद्यार्थियों को तीसरी भाषा पढ़नी और उसका मूल्यांकन देना होगा, लेकिन केवल R3 में असफल होने के आधार पर उन्हें कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा से रोकने की शर्त अब लागू नहीं रहेगी।




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