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UP PM Shri Schools: Newspapers and Magazines to Be Introduced in 1,565 Schools, ₹5,000 Budget Per School

यूपी के 1565 पीएमश्री स्कूलों में अब अखबार और मैगजीन से पढ़ेंगे छात्र, हर स्कूल को ₹5,000 बजट

UP PM Shri Schools: Newspapers and Magazines to Be Introduced in 1,565 Schools, ₹5,000 Budget Per School

उत्तर प्रदेश के 1,565 पीएमश्री विद्यालयों में अब छात्रों को पढ़ाई के साथ रोजाना अखबार और उपयोगी पत्रिकाएं पढ़ने का मौका मिलेगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों में अखबार और मैगजीन उपलब्ध कराने के लिए प्रति विद्यालय 5,000 रुपये का बजट मंजूर किया है। इसका उद्देश्य छात्रों की भाषा और पढ़ने की आदत को बेहतर बनाने के साथ उन्हें देश-दुनिया की घटनाओं से जोड़ना है।

विभाग के मुताबिक, अखबारों और पत्रिकाओं के नियमित पठन से छात्रों को सामान्य ज्ञान बढ़ाने, भाषा कौशल सुधारने, व्यवहारिक जानकारी हासिल करने और अपनी बात को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है। स्कूलों में इसे केवल पढ़ने की गतिविधि के तौर पर नहीं, बल्कि छात्रों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के माध्यम के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा।

10 महीने के लिए हर स्कूल को ₹5,000

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक, प्रत्येक पीएमश्री विद्यालय के लिए अखबार और पत्रिकाएं खरीदने को 10 महीने के लिए 5,000 रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

स्कूलों में हर दिन दो अखबार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा छात्रों की उम्र और जरूरत के अनुसार मनोरंजक तथा बाल मनोविज्ञान से जुड़ी पत्रिकाएं भी खरीदी जा सकेंगी। इससे बच्चों को अकेले पढ़ने के साथ-साथ समूह में अखबार पढ़ने और उसमें दी गई खबरों को समझने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

भाषा कौशल के साथ सामान्य ज्ञान भी बढ़ेगा

शिक्षा विभाग का मानना है कि अखबार बच्चों को किताबों से बाहर की दुनिया समझने में मदद कर सकते हैं। समाचारों के जरिए छात्र स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से परिचित होंगे। इससे उनमें समसामयिक मुद्दों को समझने और उनके बारे में सवाल पूछने की आदत विकसित करने में मदद मिल सकती है।

अखबार पढ़ने से छात्रों को नए शब्दों और वाक्य संरचना से परिचित होने का मौका भी मिलेगा। शिक्षक खबरों को कक्षा की गतिविधियों से जोड़कर छात्रों से चर्चा करा सकते हैं। इस तरह समाचार पत्र भाषा सीखने के साथ-साथ सामाजिक और सामान्य ज्ञान बढ़ाने का साधन बन सकते हैं।

विभाग के अनुसार, पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से छात्रों के संज्ञानात्मक, भावनात्मक और सामाजिक विकास को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही उन्हें स्क्रीन से कुछ समय दूर रखकर पढ़ने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

सिर्फ अखबार नहीं, लाइब्रेरी भी होगी बेहतर

पीएमश्री स्कूलों में पढ़ने के माहौल को बेहतर बनाने के लिए लाइब्रेरी में फर्नीचर की व्यवस्था भी की जा रही है। चयनित पीएमश्री परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में लाइब्रेरी के लिए फर्नीचर खरीदने को प्रति विद्यालय 20,000 रुपये का बजट स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है।

इस मद में कुल करीब 3.91 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसका उद्देश्य स्कूल की लाइब्रेरी में किताबों, अखबारों और पत्रिकाओं को व्यवस्थित तरीके से रखने के साथ छात्रों के लिए पढ़ने की बेहतर जगह तैयार करना है।

स्कूलों में पढ़ने की आदत बढ़ाने पर जोर

उत्तर प्रदेश में स्कूलों और कौशल विकास केंद्रों समेत अलग-अलग स्तर के शिक्षण संस्थानों में अखबार पढ़ने को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएमश्री विद्यालयों में इसे जोड़ने का फैसला इसी दिशा में एक और कदम है।

आज बच्चों के पढ़ने का बड़ा हिस्सा डिजिटल स्क्रीन पर निर्भर होता जा रहा है। ऐसे में स्कूल में नियमित रूप से अखबार और उम्र के अनुसार पत्रिकाएं उपलब्ध कराने से उन्हें प्रिंट सामग्री पढ़ने का अवसर मिलेगा। हालांकि, इस पहल का वास्तविक असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि स्कूल इन संसाधनों को कक्षा की पढ़ाई और छात्रों की रोजमर्रा की गतिविधियों से किस तरह जोड़ते हैं।

 

Asmita Sarkar

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