Edinbox Hindi
Meta Settlement: Facebook and Instagram to Strengthen Age Verification for Kids, Privacy Concerns Remain 

Meta Settlement: बच्चों की उम्र जांचने के लिए सख्त होंगे Facebook-Instagram के नियम, Privacy पर भी उठे सवाल

Meta Settlement: Facebook and Instagram to Strengthen Age Verification for Kids, Privacy Concerns Remain 

Meta Age Verification Rules: बच्चों और किशोरों की Online Safety को लेकर Meta अब Facebook और Instagram पर उम्र की पहचान करने की व्यवस्था और मजबूत करने जा रहा है। यह बदलाव अमेरिकी राज्यों और अन्य क्षेत्रों के साथ हुए लगभग 18 अरब डॉलर के समझौते का हिस्सा है। समझौते के तहत Meta को बच्चों और किशोरों की उम्र का बेहतर आकलन करने के लिए अपनी Age Assurance Technology मजबूत करनी होगी और इसकी व्यवस्था की स्वतंत्र जांच भी करानी होगी।

यह समझौता उन आरोपों से जुड़े मामलों को खत्म करता है, जिनमें अमेरिकी राज्यों ने Meta पर आरोप लगाया था कि Facebook और Instagram को इस तरह डिजाइन किया गया कि बच्चे और किशोर लंबे समय तक इन प्लेटफॉर्म पर बने रहें और इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच सकता है। Meta ने इन आरोपों में कानूनी गलती स्वीकार नहीं की है।

लगभग 18 अरब डॉलर के समझौते में क्या है?

26 अगस्त 2026 को घोषित समझौते के तहत Meta को Instagram और Facebook पर बच्चों और किशोरों के लिए कई नए सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे। आधिकारिक दस्तावेजों में multistate settlement की राशि 17.1 अरब डॉलर बताई गई है, जबकि Meta ने पूरे समझौते को लगभग 18 अरब डॉलर का बताया है। भुगतान 10 साल की अवधि में किया जाएगा और इसका एक हिस्सा युवाओं की Online Safety से जुड़े कार्यक्रमों में इस्तेमाल किया जाएगा।

समझौते में उम्र की पहचान करने की व्यवस्था को मजबूत करना भी शामिल है। इसका उद्देश्य ऐसे Accounts की पहचान करना है जिनके यूजर की उम्र 13 साल से कम हो सकती है। इसके अलावा 13 से 17 साल की उम्र वाले यूजर्स की पहचान बेहतर करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि उन्हें Teen Accounts के लिए तय सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा जा सके, भले ही उन्होंने अपनी Profile में वयस्क जन्मतिथि दर्ज की हो।

इसके साथ किशोरों के लिए कई अन्य सुरक्षा नियम भी लागू होंगे। इनमें Facebook और Instagram के लिए कुल मिलाकर रोजाना दो घंटे की Default Time Limit, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Night Mode, और स्कूल के समय सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक Notifications को बंद रखना शामिल है। कुछ मामलों में माता-पिता इन सीमाओं को नियंत्रित कर सकेंगे।

बच्चों की उम्र पता करने के लिए कौन-कौन से तरीके इस्तेमाल हो रहे हैं?

Online Age Verification अब केवल जन्मतिथि पूछने तक सीमित नहीं रह गया है। Social Media Platforms अलग-अलग तरीकों से यह अनुमान लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किसी Account को चलाने वाला व्यक्ति बच्चा है, किशोर है या वयस्क।

Meta जैसे प्लेटफॉर्म Age Assurance के लिए यूजर के व्यवहार और दूसरे उपलब्ध संकेतों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें Account Activity, लोगों से Interaction और इस्तेमाल के समय जैसे संकेत शामिल हो सकते हैं। कुछ मामलों में फोटो जैसे Visual Signals का इस्तेमाल भी उम्र का अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि ऐसी तकनीकें हमेशा उम्र की पक्की पुष्टि नहीं करतीं। कई बार ये केवल Age Estimation करती हैं, यानी उपलब्ध संकेतों के आधार पर उम्र का अनुमान लगाती हैं।

कुछ कंपनियां Video Selfie के जरिए भी उम्र का अनुमान लगा रही हैं। उदाहरण के तौर पर Roblox ने ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया है। कंपनी के अनुसार उसका सिस्टम लगभग 5 से 25 साल की उम्र वाले यूजर्स की उम्र का सामान्य तौर पर एक से दो साल के अंतर के भीतर अनुमान लगा सकता है। लेकिन Facial Age Estimation की Accuracy को लेकर विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए हैं, खासकर अलग-अलग Gender और Racial या Ethnic Groups के बीच इसके प्रदर्शन को लेकर।

Government ID से Age Verification कितना सुरक्षित?

Age Verification का एक तरीका Government ID या अन्य पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल है। यह तरीका उम्र की पुष्टि करने में ज्यादा सीधा लग सकता है, लेकिन इसके साथ Privacy और Data Security का सवाल भी जुड़ा है।

अगर किसी Platform को पहचान पत्र, Face Scan या Video Selfie जैसी संवेदनशील जानकारी दी जाती है, तो यूजर्स के सामने यह चिंता रहती है कि इस डेटा को कितने समय तक रखा जाएगा, इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होगा और इसे सुरक्षित कैसे रखा जाएगा।

Meta ने अपने मौजूदा कुछ Verification Processes में जमा किए गए ID Documents को सीमित अवधि के बाद हटाने की व्यवस्था बताई है। लेकिन Privacy Experts की बड़ी चिंता यह है कि किसी भी Sensitive Personal Data को एक जगह जमा करना अपने आप में Security Risk पैदा कर सकता है।

App Store या Social Media Platform, Age Check की जिम्मेदारी किसकी?

Age Verification को लेकर एक बड़ा सवाल यह भी है कि इसकी जिम्मेदारी Social Media Companies की होनी चाहिए या Apple App Store और Google Play Store जैसे App Store Operators की।

Meta का कहना है कि App Stores अगर App Download करने से पहले यूजर की उम्र की पुष्टि करें और जहां जरूरी हो वहां Parental Approval लें, तो बच्चों की सुरक्षा कई Apps पर एक जैसी लागू की जा सकती है। Meta ने समझौते के बाद भी App Stores में Verified Age Information की व्यवस्था के लिए कानून बनाने की मांग दोहराई है।

इस व्यवस्था के समर्थकों का तर्क है कि अगर किसी बच्चे की उम्र App Download करने से पहले ही पता चल जाए तो अलग-अलग Apps को बार-बार Age Verification करने की जरूरत कम हो सकती है।

लेकिन इस तरीके को लेकर भी सवाल हैं। परिवार के साझा Computer, Tablet या दूसरे Devices पर एक ही App का इस्तेमाल अलग-अलग उम्र के लोग कर सकते हैं। इसके अलावा पहले से Installed Apps के मामले में भी App Store आधारित Age Verification की सीमाएं हो सकती हैं।

Privacy और Free Internet को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

बच्चों की Online Safety जरूरी है, लेकिन Age Verification के बढ़ते इस्तेमाल ने Privacy को लेकर नई बहस भी शुरू कर दी है।

अगर Social Media, News Websites, Health Information Services या दूसरे Online Platforms पर उम्र साबित करने के लिए पहचान पत्र या Facial Data देना जरूरी होने लगे, तो इसका असर केवल बच्चों पर नहीं पड़ेगा। वयस्क यूजर्स भी अपनी पहचान सार्वजनिक किए बिना कुछ जानकारी पढ़ने या अपनी राय रखने की सुविधा खो सकते हैं।

Privacy Groups का कहना है कि अनिवार्य Identity Disclosure से लोगों की Online Privacy और कुछ मामलों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर पड़ सकता है। इसलिए Age Verification व्यवस्था बनाते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ वयस्क यूजर्स की Privacy भी सुरक्षित रहे।

Meta की Age Verification व्यवस्था की होगी बाहरी जांच

समझौते की एक अहम शर्त यह है कि Meta को अपनी सुरक्षा और Age Assurance व्यवस्था पर External Audits भी कराने होंगे। इसका उद्देश्य यह देखना है कि कंपनी समझौते के तहत तय किए गए सुरक्षा उपायों को सही तरीके से लागू कर रही है या नहीं।

Meta को ऐसे Accounts की पहचान और कार्रवाई के लिए अपनी तकनीक को भी मजबूत करना होगा जिनके यूजर की उम्र 13 साल से कम हो सकती है। साथ ही Teen Users के लिए Age-Appropriate Settings लागू करने पर भी जोर दिया गया है।

बच्चों की Online Safety पर बढ़ रहा दबाव

Meta के साथ हुआ यह समझौता ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में Social Media Companies पर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है। सरकारें और Regulators अब केवल यह नहीं देख रहे कि Platforms पर क्या Content उपलब्ध है, बल्कि यह भी सवाल उठा रहे हैं कि उनके Design और Features बच्चों के व्यवहार को किस तरह प्रभावित करते हैं।

Meta ने कहा है कि वह अपने नए सुरक्षा उपायों को पूरे Industry के लिए Standard बनाने की दिशा में काम करना चाहता है और TikTok तथा YouTube जैसी कंपनियों से भी समान सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।

हालांकि, Age Verification अकेले बच्चों की Online Safety की समस्या का पूरा समाधान नहीं है। उम्र की सही पहचान के साथ यह भी जरूरी है कि बच्चों को Harmful Content, Online Bullying, Self-Harm से जुड़े Content और अनचाहे संपर्क से बचाने के लिए मजबूत व्यवस्था हो।

Meta का यह समझौता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे Facebook और Instagram पर बच्चों की सुरक्षा के नियमों में बड़े बदलाव होंगे। लेकिन आने वाले समय में सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि बच्चों की सुरक्षा और यूजर्स की Privacy के बीच सही संतुलन कैसे बनाया जाए।

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed