Edinbox Hindi
DUSU Election 2026: Digital Campaign Takes Centre Stage as Candidates Reach Students Through Reels, WhatsApp and Memes

DUSU Election 2026: छात्रों के मोबाइल तक पहुंचा चुनाव प्रचार, रील्स, मीम्स और WhatsApp से वोटरों को साधने की कोशिश

DUSU Election 2026: Digital Campaign Takes Centre Stage as Candidates Reach Students Through Reels, WhatsApp and Memes

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU Election 2026 की तारीख नजदीक आने के साथ छात्र संगठनों और संभावित प्रत्याशियों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। इस बार चुनावी मुकाबला सिर्फ कॉलेज कैंपस, हॉस्टल और छात्र समूहों तक सीमित नहीं है। संभावित प्रत्याशी अब Instagram Reels, Facebook पोस्ट, WhatsApp ग्रुप और मीम्स के जरिए सीधे छात्रों के मोबाइल तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय में डूसू चुनाव के लिए 18 सितंबर 2026 को मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 19 सितंबर को की जाएगी। चुनाव को लेकर छात्र संगठनों ने जमीनी स्तर पर संपर्क अभियान शुरू कर दिया है। संभावित उम्मीदवार कॉलेजों और हॉस्टलों में जाकर छात्रों से मिल रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर भी उनकी गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं।

प्रिंटेड पोस्टर पर रोक, डिजिटल प्रचार पर बढ़ा जोर

इस बार डीयू के चुनावी नियमों ने प्रचार के पुराने तरीके को काफी हद तक बदल दिया है। विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक चुनाव प्रचार के लिए प्रिंटेड पोस्टर, पर्चे और अन्य मुद्रित सामग्री के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। उम्मीदवार हाथ से बने पोस्टर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया जैसे मुफ्त डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल प्रचार के लिए किया जा सकता है।

यही वजह है कि संभावित उम्मीदवार डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्रचार का अहम माध्यम बना रहे हैं। Instagram पर रील्स और छोटे वीडियो, Facebook पर पोस्ट और पोस्टर, WhatsApp ग्रुप में संदेश और मीम्स के जरिए छात्रों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

कैंपस में होने वाली छोटी-बड़ी गतिविधियों को वीडियो में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। इसके जरिए उम्मीदवार अपनी गतिविधियों, छात्र मुद्दों और अपने अभियान को कम समय में ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

कॉलेज और हॉस्टल के बाद मोबाइल स्क्रीन पर चुनावी मुकाबला

डूसू चुनाव में कॉलेज और हॉस्टल लंबे समय से प्रचार के प्रमुख केंद्र रहे हैं। इस बार भी संभावित प्रत्याशी छात्रों के बीच जाकर उनसे बातचीत कर रहे हैं। लेकिन इसके साथ ही मोबाइल स्क्रीन भी चुनावी प्रचार का नया प्रमुख मैदान बन गई है।

हाल के दिनों में संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सक्रियता बढ़ाई है। कुछ प्रत्याशी अपनी कैंपस गतिविधियों के वीडियो साझा कर रहे हैं, तो कुछ छात्र मुद्दों और चुनावी एजेंडे से जुड़े संदेश पोस्ट कर रहे हैं।

छात्र संगठनों की ओर से भी प्री-कैंपेन को तेज किया गया है। उदाहरण के लिए, ABVP ने 13 संभावित उम्मीदवारों की सूची जारी करने के बाद 47 कॉलेजों और पांच विश्वविद्यालय विभागों में छात्रों से संपर्क करने का अभियान शुरू किया है। संगठन का कहना है कि इस दौरान छात्रों से मिले फीडबैक के आधार पर चुनावी घोषणापत्र तैयार करने में मदद ली जाएगी।

2026 में सोशल मीडिया क्यों बना जरूरी माध्यम?

डीयू के इस साल के चुनावी नियमों ने उम्मीदवारों को कम लागत वाले डिजिटल प्रचार की ओर जाने का एक बड़ा कारण दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो या पोस्ट को कुछ ही समय में बड़ी संख्या में छात्रों तक पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा उम्मीदवार अपने कार्यक्रम और गतिविधियों को तुरंत छात्रों तक पहुंचा सकते हैं।

रील्स और शॉर्ट वीडियो इस रणनीति में खास भूमिका निभा रहे हैं। छोटे वीडियो के जरिए उम्मीदवार अपने भाषण, कैंपस विजिट, छात्रों से बातचीत और अभियान से जुड़ी दूसरी गतिविधियों को सामने रख रहे हैं। वहीं मीम्स और छोटे पोस्ट के जरिए चुनावी संदेश को ज्यादा सहज और युवाओं के अनुकूल बनाने की कोशिश की जा रही है।

WhatsApp ग्रुप भी इस अभियान का हिस्सा हैं, जहां छात्र समूहों के बीच चुनाव से जुड़े संदेश और कार्यक्रम की जानकारी साझा की जा रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रचार के साथ उम्मीदवारों को विश्वविद्यालय के चुनावी नियमों और आचार संहिता का पालन करना होगा।

उम्मीदवारों के लिए प्रचार के नियम भी सख्त

डीयू के 2026 के चुनावी दिशा-निर्देशों में केवल प्रिंटेड प्रचार सामग्री पर रोक ही नहीं है। प्रचार के लिए लाउडस्पीकर, वाहनों और जानवरों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। उम्मीदवारों के लिए प्रचार का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित है। कैंपस में प्रचार के दौरान प्रत्येक उम्मीदवार के साथ अधिकतम चार बोनाफाइड छात्र रह सकते हैं।

विश्वविद्यालय ने चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 5,000 रुपये प्रति उम्मीदवार तय की है। उम्मीदवारों को सोशल मीडिया के साथ-साथ अन्य प्रचार गतिविधियों में भी इन नियमों का ध्यान रखना होगा।

18 सितंबर को होगा DUSU Election 2026

दिल्ली विश्वविद्यालय का डूसू चुनाव देश के सबसे चर्चित छात्र संघ चुनावों में शामिल है। इस चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव जैसे केंद्रीय पदों के लिए मुकाबला होता है। विश्वविद्यालय के अनुसार डूसू दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकांश कॉलेजों और फैकल्टी के छात्रों का प्रतिनिधि संगठन है।

इस बार चुनावी प्रचार का बड़ा हिस्सा कैंपस के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे 18 सितंबर की तारीख नजदीक आएगी, संभावित उम्मीदवारों और छात्र संगठनों की सोशल मीडिया गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में इस बार डूसू चुनाव में यह देखना भी दिलचस्प होगा कि मोबाइल स्क्रीन पर चलने वाला डिजिटल प्रचार छात्रों के वोटिंग फैसले को कितना प्रभावित करता है।

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed