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तेजी से बढ़ रही हेल्थ केयर क्षेत्र में संभावनाएं

हेल्थकेयर (Healthcare) यानी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, रेवेन्यु और रोजगार दोनों ही मामलों में भारत का सबसे बड़ा क्षेत्र है। करियर निर्माण की दृष्टि से देश का हेल्थकेयर सेक्टर सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की विशाल आबादी और खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में बसने वाली आबादी को देखते हुए यह कहा जा सकता है। 

हेल्थकेयर के तहत अस्पताल, मेडिकल डिवाइसेज, क्लीनिकल ट्रायल्स, आउटसोर्सिंग, टेलिमेडिसिन, मेडिकल टूरिज्म, हेल्थ इंश्योरेंस और मेडिकल इक्विपमेंट आते हैं। भारत का हेल्थकेयर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और कोविड19 महामारी के आने के बाद से हेल्थकेयर सेक्टर पर सभी का ध्यान है।

लगभग समस्त सर्वेक्षणों में स्पष्ट कहा गया है कि आने वाले दशक में देश में निजी निवेश और कॉर्पोरेट अस्पताल संस्कृति के कारण उपलब्ध बेड और स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। इतना ही नहीं, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों पर भी प्राय: अस्पतालों में ज्यादा धन खर्च किया जाएगा और सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों का प्रचलन बढ़ेगा। इन निजी कॉर्पोरेट अस्पतालों में अपोलो, मैक्स, मेदांता ग्रुप, मेट्रो हास्पीटल आदि का विशेषतौर पर नाम लिया जा सकता है। 

महानगरों से आगे बढ़ते हुए इन समूहों द्वारा छोटे शहरों में अब अस्पताल खोले जा रहे हैं, हालांकि सरकारी अस्पतालों का भी आधुनिकीकरण किया जा रहा है पर यह अमूमन बड़े शहरों तक ही सीमित है। इस स्थिति की असल वजह सरकार के पास धन की सीमित मात्रा का होना तथा अन्य वरीयताओं का होना दिया जा सकता है। इसके बावजूद यह भी सच है कि स्वास्थ्यकर्मियों की सबसे बड़ी फौज को रोजगार इन्हीं सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों अथवा सरकारी अस्पतालों में मिला हुआ है। 

भविष्य में इनके लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों को ऑपरेट करने वाले ट्रेंड टेक्नीशियन अथवा नई बीमारियों के नियंत्रण हेतु विशिष्ट ट्रेंड चिकित्सकों की नियुक्तियां बड़े पैमाने पर होंगी, इस तथ्य से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। इन ट्रेंड चिकित्साकर्मियों में डॉक्टरों, पेरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग कर्मियों, लैब टेक्नीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, फिजियोथिरेपिस्ट आदि का उल्लेख किया जा सकता है। 

भारत का प्रतिस्पर्धी लाभ इसके अच्छी ट्रेनिंग प्राप्त मेडिकल प्रोफेशनल्स में निहित है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, हेल्थकेयर की गुणवत्ता और पहुंच के मामले में भारत 195 देशों की सूची में 145वें स्थान पर है। साल 2008 में भारत का हेल्थकेयर सेक्टर महज 45 अरब डॉलर का था। साल 2016 में यह बढ़कर 140 अरब डॉलर का हो गया। इंडियन हेल्थकेयर सेक्टर का साइज 2020 तक बढ़कर 280 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान जताया गया था।

नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में स्वास्थ्य सेवा उद्योग वर्ष 2016 के बाद से लगभग 22% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ रहा है। इस दर से वर्ष 2022 में यह 372 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। देश के स्वास्थ्य सेवा बाजार का 80% हिस्सा भारतीय अस्पताल उद्योग है। वर्ष 2016-2017 में, भारतीय अस्पताल उद्योग का मूल्य 61.79 अरब डॉलर था। 2023 तक यह 132 अरब डॉलर तक पहुंच चूका है।

देश में इंजीनियरिंग कॉलेजों की तुलना में फिलहाल मेडिकल कॉलेजों की संख्या बहुत कम है लेकिन आने वाले समय में इनकी संख्या में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि होने की पूरी-पूरी संभावना व्यक्त की जा सकती है। ऐसे में भविष्य में स्वास्थ क्षेत्र में बड़ी तादाद में प्रशिक्षित लोगों की जरुरत रहेगी। 

Asmita Sarkar

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