MBBS की पढ़ाई कर रहे उन छात्रों के लिए राहत की खबर है, जो पहले साल की परीक्षा पास नहीं कर पाने के कारण आगे की पढ़ाई में अटके हुए हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने पात्र छात्रों को फर्स्ट प्रोफेशनल MBBS परीक्षा पास करने के लिए एक अतिरिक्त मौका देने का फैसला किया है। इसके तहत छात्रों को अब चार के बजाय कुल पांच अवसर मिल सकेंगे।
NMC के अंडरग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड (UGMEB) ने 15 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की। यह फैसला उन छात्रों के लंबित मामलों में राहत देने के लिए लिया गया है, जिन्हें कोविड-19 महामारी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या अन्य निजी परिस्थितियों के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, यह छूट कुछ शर्तों के अधीन है और सभी छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
MBBS फर्स्ट ईयर परीक्षा के लिए मिलेगा पांचवां मौका
NMC के फैसले के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2019-20 और उसके बाद MBBS में दाखिला लेने वाले पात्र छात्रों को फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा पास करने के लिए एक अतिरिक्त अवसर दिया जाएगा। इससे उन विद्यार्थियों को अपने पहले साल के बचे हुए विषय पास करने का एक और मौका मिल सकता है, जो निर्धारित चार प्रयासों में परीक्षा पास नहीं कर सके हैं।
यह राहत उन पात्र छात्रों पर भी लागू हो सकती है, जिन्होंने फर्स्ट प्रोफेशनल कोर्स पूरा करने की निर्धारित चार साल की अवधि पार कर ली है। हालांकि, इसके लिए उनका मेडिकल कॉलेज में दाखिला वैध होना चाहिए और संबंधित विश्वविद्यालय या कॉलेज ने उनका प्रवेश रद्द नहीं किया होना चाहिए।
NMC ने स्पष्ट किया है कि यह सामान्य परीक्षा नियमों में स्थायी बदलाव नहीं है, बल्कि कुछ लंबित मामलों के लिए एक बार दी जाने वाली विशेष छूट है।
छात्रों की मांग और कोविड-19 का असर
NMC की 23 सितंबर 2026 को हुई 18वीं बैठक में अतिरिक्त अवसर देने के प्रस्ताव पर विचार किया गया था। आयोग को छात्रों, विश्वविद्यालयों और अन्य संबंधित पक्षों से कई अनुरोध मिले थे।
इन अनुरोधों में कोविड-19 महामारी के कारण पढ़ाई में आई रुकावटों, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अन्य निजी परिस्थितियों का हवाला दिया गया था। आयोग ने इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पात्र छात्रों को एक और अवसर देने का फैसला किया।
इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है, जिनकी मेडिकल पढ़ाई पहले साल की परीक्षा पास नहीं कर पाने के कारण लंबे समय से रुकी हुई है।
पहले ही पांच मौके ले चुके छात्रों को नहीं मिलेगा लाभ
NMC ने इस छूट के लिए स्पष्ट शर्तें रखी हैं। जिन छात्रों को पहले किसी पुराने फैसले या अदालत के निर्देश के तहत अतिरिक्त मौका मिल चुका है और वे कुल पांच प्रयास पूरे कर चुके हैं, उन्हें अब छठा मौका नहीं मिलेगा।
इसलिए छात्रों को अपनी पात्रता की पुष्टि के लिए संबंधित मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय से संपर्क करना चाहिए। कॉलेज और विश्वविद्यालयों को भी निर्देश दिया गया है कि वे आयोग की सार्वजनिक सूचना में दी गई शर्तों के अनुसार पात्र मामलों पर कार्रवाई करें।
MBBS पूरा करने की 10 साल की समय सीमा में बदलाव नहीं
पांचवां मौका मिलने के बावजूद MBBS की पढ़ाई पूरी करने की अधिकतम समय सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। छात्रों को लागू नियमों के अनुसार दाखिले की तारीख से निर्धारित अधिकतम अवधि के भीतर पूरा कोर्स और अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) पूरी करनी होगी।
NMC ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त प्रयास मिलने से MBBS पूरा करने की कुल निर्धारित अवधि अपने आप नहीं बढ़ेगी। इसलिए पात्र छात्रों को परीक्षा की तैयारी के साथ अपनी शेष पढ़ाई और इंटर्नशिप की समय सीमा का भी ध्यान रखना चाहिए।
छात्रों को अब क्या करना चाहिए?
जिन छात्रों को लगता है कि वे इस छूट के पात्र हैं, उन्हें सबसे पहले NMC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी 15 अक्टूबर 2026 की सूचना पढ़नी चाहिए। इसके बाद अपने मेडिकल कॉलेज या संबंधित विश्वविद्यालय से संपर्क कर पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
यह फैसला पात्र विद्यार्थियों को अपनी मेडिकल पढ़ाई आगे बढ़ाने का एक और अवसर देता है। हालांकि, इसका लाभ लेने के लिए सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है।
आधिकारिक जानकारी के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन की वेबसाइट पर जाएं।




Add comment