Jammu Kashmir Medical Intern Stipend Hike: जम्मू-कश्मीर के मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने MBBS और BDS इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 12,300 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की घोषणा की है। इस फैसले का लाभ विदेशी मेडिकल संस्थानों से डिग्री लेकर भारत में इंटर्नशिप कर रहे विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स (FMGs) को भी मिलेगा। बढ़ी हुई राशि 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी घोषणा की। यह फैसला मेडिकल इंटर्न के विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया है। इंटर्न लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार के इस फैसले से केंद्र शासित प्रदेश में चल रहा आंदोलन समाप्त होने की उम्मीद है।
मेडिकल इंटर्न ने मंगलवार को फिर से हड़ताल शुरू कर दी थी। उनका आरोप था कि सरकार ने स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा दिया था, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई। इससे पहले भी सितंबर में इंटर्न ने इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। 8 सितंबर को सरकार ने उनसे आंदोलन वापस लेने और मांगों पर विचार करने के लिए एक महीने का समय देने की अपील की थी।
2026 में कई राज्यों ने बढ़ाया मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड
जम्मू-कश्मीर से पहले छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में भी मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की गई है। इन राज्यों में भी इंटर्न और जूनियर डॉक्टर बेहतर भुगतान की मांग कर रहे थे।
छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 15,900 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया। यह फैसला स्टाइपेंड और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया।
उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त को सरकारी मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों और मेडिकल विश्वविद्यालयों में MBBS और BDS इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 12,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने को मंजूरी दी गई। इस फैसले से करीब 3,928 मेडिकल और डेंटल इंटर्न को लाभ मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड सरकार ने भी अपने पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 17,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया। राज्य मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यहां भी इंटर्न ने बेहतर भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।
वहीं, मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 के दौरान MBBS इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 14,337 रुपये से बढ़ाकर 21,500 रुपये किया गया। कम स्टाइपेंड को लेकर विरोध और बढ़ोतरी की मांग के बाद यह फैसला लिया गया।
अलग-अलग राज्यों में मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में अंतर
हाल के महीनों में कई राज्यों ने मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाया है, लेकिन देशभर में इसके लिए एक समान दर लागू नहीं है। अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में इंटर्न को मिलने वाली मासिक राशि अलग हो सकती है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के नियामक ढांचे के तहत स्टाइपेंड तय करने की जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरणों की होती है। आयोग की व्यवस्था में देशभर के सभी मेडिकल इंटर्न के लिए एक समान मासिक राशि निर्धारित नहीं है।
जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब देश के कई राज्यों में मेडिकल इंटर्न बेहतर भुगतान की मांग उठा रहे हैं। लगातार हो रही इन बढ़ोतरी से मेडिकल इंटर्न के मानदेय की समीक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में आया है।




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