
नर्सिंग क्षेत्र मेडिकल क्षेत्र से जुड़ा एक ऐसा प्रोफेशन है जो समय के साथ तेजी से ग्रोथ करता जा रहा है। नर्सिंग एक बेहद फायदेमंद करियर है जो हेल्थ केयर में नौकरी के ढेरों अवसर प्रदान करता है। नर्स अस्पतालों, क्लीनिकों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी प्रैक्टिस में काम कर सकते हैं। नर्सिंग के क्षेत्र में उपलब्ध कोर्स करने के बाद आपके पास रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे जिससे आप अपने सुनहरे भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। भारत में कई नर्सिंग कोर्सेस हैं जो विभिन्न एजुकेशनल बैकग्राउंड और करियर की आकांक्षाओं को पूरा करते हैं।
बैचलर ऑफ साइंस इन नर्सिंग (B.Sc Nursing)
बीएससी नर्सिंग चार साल की ग्रेजुएशन डिग्री है। कार्यक्रम में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, फार्माकोलॉजी और नर्सिंग मैनेजमेंट सहित विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। बी.एससी नर्सिंग के लिए योग्यता- साइंस विषयों में न्यूनतम 45% अंकों के साथ 12वीं पास होना होगा। देश में विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों द्वारा यह कार्यक्रम पेश किया जाता है। बीएससी नर्सिंग में Admission के लिए कई यूनिवर्सिटी और स्टेट लेवल एंट्रेंस एग्जाम होते हैं। कुछ सामान्य प्रवेश परीक्षाओं में AIIMS नर्सिंग एंट्रेंस एग्जाम, NEET (UG) शामिल हैं।
जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM)
यह साढ़े तीन साल का डिप्लोमा कोर्स है, जो मरीजों को बुनियादी नर्सिंग केयर देने पर केंद्रित होता है। कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग, मिडवाइफरी जैसे विषय शामिल हैं। जीएनएम एडमिशन के लिए योग्यता- किसी भी स्ट्रीम में न्यूनतम 40% अंकों के साथ 12वीं पूरी करनी होगी। यह कार्यक्रम पूरे भारत में विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों और विश्वविद्यालयों द्वारा पेश किया जाता है।
ऑग्जिलरी नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (ANM)
सहायक नर्सिंग और मिडवाइफरी यानी एएनएम दो साल का डिप्लोमा कोर्स है। पाठ्यक्रम में मुख्यतः बुनियादी नर्सिंग और मिडवाइफरी स्किल्स पर ध्यान केंद्रित होता है। यह मेडिकल एडमिनिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य और सामुदायिक स्वास्थ्य, बच्चों के स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य, नवजात शिशु देखभाल, और सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग के क्षेत्रों पर पाठ्यक्रमों को शामिल करता है। एएनएम कोर्स के लिए किसी भी स्ट्रीम में न्यूनतम 40% अंकों के साथ 12th बोर्ड परीक्षा पास करना होता है।
मिडवाइफरी कोर्स क्या है?
मिडवाइफरी नर्सिंग का एक विशेष क्षेत्र है जो गर्भावस्था, डिलीवरी और पोस्टपार्टम के दौरान महिलाओं की देखभाल पर केंद्रित है। मिडवाइफरी कोर्स डिप्लोमा और डिग्री स्तर पर पेश किए जाते हैं। आम तौर पर इन्हें आया भी कहते हैं। मिडवाइफरी कोर्स के लिए योग्यता विज्ञान विषयों में न्यूनतम 40% अंकों के साथ 12वीं पास होनी चाहिए।
अन्य नर्सिंग कोर्सेस की लिस्ट
Post Basic B.Sc Nursing: यह नर्सिंग में डिप्लोमा धारकों के लिए डिजाइन किया गया दो साल का डिग्री प्रोग्राम है।
M.Sc नर्सिंग: दो साल की पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री है जो एडवांस्ड नर्सिंग प्रैक्टिस पर केंद्रित है।
M.Phil नर्सिंग: यह फुल टाइम में 1 वर्ष और पार्ट टाइम में 2 वर्ष का कार्यक्रम है।
Ph.D नर्सिंग: यह एक डॉक्टरेट कार्यक्रम है जो नर्सिंग में रिसर्च वर्क पर केंद्रित है।
भारत में नर्स बनने के लिए, उपरोक्त कार्यक्रमों में से किसी को पूरा करने के बाद, कैंडिडेट को स्टेट नर्सिंग काउंसिल या नेशनल नर्सिंग काउंसिल के साथ पंजीकरण करना होगा। भारत में कानूनी तौर पर नर्स के रूप में प्रैक्टिस करने के लिए यह Nursing Registration अनिवार्य है। इसके अलावा स्वास्थ्य देखभाल में प्रगति के साथ अपडेट रहने के लिए जरूरी है कि नर्स निरंतर नई चीजें सीखें और अपना विकास करते रहें।
नर्सिंग के क्षेत्र में कोर्स करने के बाद आपके लिए सबसे पहले निजी अस्पतालों के द्वार खुल जाते हैं। इसके साथ ही समय-समय पर केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा भी भर्तियां निकाली जाती हैं जिनमें भाग लेकर आप सरकारी नौकरी भी प्राप्त कर सकते हैं। अस्पतालों के अलावा इस कोर्स को करने वाले उम्मीदवारों को नर्सिंग होम, अनाथालय, वृद्धाश्रम, काउंसलिंग सेंटर, आरोग्य निवास, केयर सेंटर, रक्षा सेवाओं, इंडियन रेड-क्रॉस सोसाइटी, इंडियन नर्सिंग काउंसिल, स्टेट नर्सिंग कॉउंसिल के साथ ही कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स में काम कर सकते हैं।




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