Edinbox Hindi

रूस ने बनाई दुनिया की पहली कैंसर वैक्सीन, मुफ्त में लगेगा लोगों को टीका 

रूस ने दुनिया को एक बड़ी खुशखबरी दी है। रूस के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने कैंसर के खिलाफ एक नई वैक्सीन विकसित की है, जो पूरी तरह से प्रभावी है और इससे लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। एक ऐसे वक़्त में जब पूरी दुनिया कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रही है, रूस का यह ऐतिहासिक दावा दुनियाभर के लिए राहत की खबर बन सकता है। 

गौरतलब है कि कैंसर दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारी है। कैंसर से पीड़ित लोग जीने की उम्मीद खत्म कर देते हैं, क्योंकि इसका इलाज बाकी बीमारियों की तरह सुगम नहीं है। अब कैंसर को मात देने के लिए रूस ने कैंसर वैक्सीन (Cancer Vaccine) बना ली है। रूस ने दुनिया की पहली कैंसर वैक्सीन बनाई है, जोकि साल 2025 में लॉन्च होगी। इस कैंसर वैक्सीन (Cancer ka teeka) का नाम mRNA है, जो लोगों को फ्री में लगाई जाएगी। रूस के हेल्थ डिपार्टमेंट के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर आंद्रे कप्रीन ने कैंसर की वैक्सीन फ्री में लगाने का ऐलान किया है।  

16 दिसंबर (सोमवार) को रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐलान किया कि उसने कैंसर के खिलाफ एक टीका तैयार किया है, जिसे 2025 की शुरुआत से रूस में कैंसर रोगियों को मुफ्त में दिया जाएगा। रूस ने कहा है कि वह इस कैंसर वैक्सीन को सभी नागरिकों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराएगा।   

कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जो दुनियाभर में लाखों लोगों की जान ले चुकी है और इसकी इलाज की प्रक्रिया बेहद महंगी और कठिन रही है। हर साल, लाखों लोग कैंसर के कारण अपनी जान गंवा देते हैं, और इसके इलाज के लिए नए-नए उपायों की आवश्यकता महसूस की जाती रही है। रूसी राज्य के स्वामित्व वाली समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, इस वैक्सीनेशन के बारे में जानकारी रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय के रेडियोलॉजी मेडिकल रिसर्च सेंटर के जनरल डायरेक्टर एंड्री काप्रिन ने एक रूसी रेडियो चैनल पर दी। 

रूस की समाचार एजेंसी TAAS के अनुसार, कैंसर वैक्सीन लोगों के लिए एक वरदान साबित हो सकती है। गामालेया नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी के डायरेक्टर अलेक्जेंडर गिन्ट्सबर्ग का कहना है कि इस कैंसर वैक्सीन का प्री-क्लिनिकल ट्रायल हुआ और जिसमें पाया गया कि यह वैक्सीन ट्यूमर के विकास और मेटास्टेसिस को खत्म करने में काफी प्रभावी है। गौरतलब है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कैंसर वैक्सीन का पहले ही जिक्र छेड़ चुके हैं और उन्होंने ऐलान किया था कि वो उनके देश के लोगों को फ्री में कैंसर वैक्सीन की सौगात देने जा रहे हैं। 

रूस के वैक्सीन एक्सपर्ट अलेक्जेंडर गिन्ट्सबर्ग ने कहा है, एआई की मदद से पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन की बनाने की प्रक्रिया को आसानी से पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शुरुआती समय में यह प्रक्रिया भले ही जटिल और लंबी हो, लेकिन भविष्य में यह बहुत आसान होने वाली है। उन्होंने बताया कि कैंसर वैक्सीन में गणित का मैथड प्रयोग में लाता जाता है, लेकिन यहां एआई और न्यूरल नेटवर्क कंप्यूटिंग की मदद से इस वैक्सीन को 30 मिनट से 60 मिनट यानि एक घंटे में पूरा किया जा सकेगा। 

वहीं, कैंसर वैक्सीन के काम करने के तरीके पर गौर करें तो, बता दें, यह वैक्सीन शरीर में कैंसर सेल्स की पड़ताल करने उसे नष्ट करने का काम करेगी। थेरेप्यूटिक कैंसर वैक्सीन खासतौर से ट्यूमर सेल्स के प्रोटीन या एंटीजन को ढूंढ उन्हें टारगेट करेगी, जिससे शरीर का नेचुरल सिक्योरिटी सिस्टम ट्यूमर को खत्म करने में प्रभावी होने लगता है। बता दें, प्रिवेंटिव वैक्सीन (HPV) कैंसर की रोकथाम में बहुत मददगार है। 

इस नई वैक्सीन को शरीर में लागू करने के लिए एक सामान्य इंजेक्शन की जरूरत पड़ेगी। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वैक्सीन का निर्माण प्राकृतिक पदार्थों से किया गया है, जिससे इसके कोई गंभीर साइड इफेक्ट्स नहीं होंगे। यह वैक्सीन शरीर की इम्यून सिस्टम को कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और नष्ट करने के लिए प्रशिक्षित करती है। 

रूस ने इस वैक्सीन को दुनियाभर के कैंसर मरीजों के लिए मुफ्त में उपलब्ध कराने का वादा किया है। इसका उद्देश्य पूरी दुनिया में कैंसर की दर को घटाना और लाखों जीवन बचाना है। सरकार ने इस अभियान के लिए पहले ही व्यापक संसाधनों का आवंटन कर दिया है, और इसे 2025 तक पूरी तरह से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। 

कई लोगों का मानना है कि यह वैक्सीनेशन कैंसर के इलाज में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। हालांकि, इस वैक्सीनेशन के लिए अभी और भी परीक्षणों और अध्ययन की जरूरत होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह सभी प्रकार के कैंसर पर प्रभावी है। 

लेकिन, रूस की इस घोषणा ने उम्मीदों की नई किरण जगा दी है, और कैंसर के खिलाफ यह लड़ाई एक नई दिशा में बढ़ सकती है। रूस का यह कैंसर वैक्सीन का दावा निश्चित रूप से दुनिया के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ हो सकता है। यदि यह वैक्सीन अपने परीक्षणों में सफल रहती है, तो यह न केवल कैंसर के इलाज के तरीकों को बदल सकती है, बल्कि लाखों लोगों की जान भी बचा सकती है। दुनिया भर के वैज्ञानिक और मरीज अब उम्मीद की नज़र से इस वैक्सीनेशन की सफलता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed