
चीन में फैल रहे नए ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमवीपी) ने भारत में दस्तक दे दी है। कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में मामले सामने आ चुके हैं। देश में अब तक एचएमवीपी संक्रमण के 15 केस सामने आ चुके हैं। गुजरात में सबसे ज़्यादा 4 संक्रमित पाए गए हैं। कल ही गुजरात के सांबरकांठा में आठ साल का बच्चा एचएमपीवी संक्रमित मिला था। अब असम में 10 महीने के एक बच्चे में एचएमवीपी संक्रमण का पता चला है। बच्चे का डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एएमसीएच) में इलाज हो रहा है। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
गुजरात में एचएमपीवी का पहला मामला छह जनवरी को दर्ज किया गया था। यहां राजस्थान का एक दो महीने का बालक एचएमपीवी से संक्रमित पाया गया था। अस्पताल में इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। इसके बाद गुरुवार को अहमदाबाद में 80 साल के वृद्ध को एचएमपीवी संक्रमित पाया गया था। ताज़ा मामले में सांबरकांठा में आठ साल का बच्चा एचएमपीवी संक्रमित मिला है। बच्चा प्रांतिज तालुका के खेतिहर मजदूर परिवार का है। पिछले दिनों उसका एक निजी अस्पताल की लैब में परीक्षण किया गया था। जहां उसे एचएमपीवी संक्रमित पाया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने उसके रक्त के नमूनों को सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था।
देश में एचएमपीवी के मामले सामने आने के बाद से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट मोड पर है। इसे लेकर राज्यों को सतत निगरानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। दो दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला ने देश में श्वसन संबंधी बीमारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के प्रबंधन की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को आश्वसत किया है इस संक्रमण को लेकर डरने या घबराने की जरूरत नहीं है।
एचएमपीवी सबसे पहले 2001 में खोजा गया और यह पैरामिक्सोविरिडे परिवार का हिस्सा है। यह वायरस रेस्पिरेटरी सिंसाइटियल वायरस (आरएसवी) से संबंधित है। यह खांसने या छींकने से निकलने वाली सांसद की बूंदों के जरिए फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति को छूने या संक्रमित व्यक्तियों से सीधे संपर्क में आने से भी फैल सकता है।




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