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हेल्थ सर्विस सेक्टर में करियर: 12वीं के बाद आप कर सकते हैं ये टॉप 7 मेडिकल कोर्स

भारत में हेल्थ सर्विस सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, और यह कक्षा 12 के बाद छात्रों के लिए कई कैरियर के अवसर प्रदान करता है। जबकि एमबीबीएस और बीडीएस जैसे पारंपरिक कोर्स सबसे पॉपुलर विकल्प हैं, अन्य मेडिकल कोर्स भी बेहतरीन करियर संभावनाएं प्रदान करते हैं। यहां उन प्रमुख मेडिकल कोर्सेज की लिस्ट दी गई है, जिन्हें छात्र कक्षा 12 के बाद (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ) कर सकते हैं:

बैचलर ऑफ मेडिसिन, बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस)
एमबीबीएस भारत में सबसे अधिक डिमांड वाला मेडिकल डिग्री है, जिसमें डॉक्टर्स तैयार किए जाते हैं। यह कोर्स 5.5 साल का होता है, जिसमें 4.5 साल की थ्योरिटिकल स्टडी और एक साल की इंटर्नशिप शामिल होती है। एडमिशन NEET परीक्षा के माध्यम से होता है।

बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस)
बीडीएस एक 5 साल का कोर्स है (चार साल की स्टडी + एक साल की इंटर्नशिप) जो डेंटिस्ट बनने के इच्छुक छात्रों के लिए है। इसके लिए भी NEET के माध्यम से प्रवेश मिलता है। भारत में 313 संस्थानों में 26,949 सीटें उपलब्ध हैं।

आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा स्नातक (बीएएमएस)
बीएएमएस आयुर्वेदिक चिकित्सा और उपचार पर आधारित है। यह 5.5 साल का कोर्स है, जिसमें एक साल की इंटर्नशिप शामिल है। ग्रेजुएट आयुर्वेद के क्षेत्र में कार्य करने के लिए लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं।

होम्योपैथिक मेडिसिन और सर्जरी में स्नातक (बीएचएमएस)
बीएचएमएस 5.5 साल का कोर्स है, जो होम्योपैथिक उपचार पर ध्यान केंद्रित करता है। इसमें एक साल की इंटर्नशिप शामिल है, और ग्रेजुएट्स को होम्योपैथिक चिकित्सा में विशेषज्ञता मिलती है।

पशु चिकित्सा विज्ञान स्नातक (बीवीएससी)
बीवीएससी एक 5 साल का कोर्स है, जो छात्रों को पशु रोगों के निदान और उपचार में प्रशिक्षित करता है। इस क्षेत्र में पशु चिकित्सकों की मांग बढ़ रही है, और यह एक अच्छा करियर विकल्प है।

यूनानी चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा स्नातक (बीयूएमएस)
बीयूएमएस यूनानी चिकित्सा पद्धति पर आधारित है, जो एक पारंपरिक उपचार प्रणाली है। यह 5.5 साल का कोर्स है जिसमें 4.5 साल की पढ़ाई और एक साल की इंटर्नशिप शामिल है।

सिद्ध चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा स्नातक (बीएसएमएस)
बीएसएमएस एक 5.5 साल का कोर्स है, जो सिद्ध चिकित्सा पद्धति में विशेषज्ञता प्रदान करता है। इसके बाद ग्रेजुएट्स सिद्ध चिकित्सा के क्षेत्र में डॉक्टर के रूप में कार्य कर सकते हैं।

ये मेडिकल कोर्स एमबीबीएस और बीडीएस के अलावा कई अलग-अलग करियर विकल्प प्रदान करते हैं। छात्र अपनी रुचियों और करियर लक्ष्यों के आधार पर इन क्षेत्रों में अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।

Asmita Sarkar

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