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मध्यप्रदेश की एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी को बंद करने की तैयारी, छात्र संगठनों ने विरोध में खोला मोर्चा

मध्यप्रदेश की इकलौती मेडिकल यूनिवर्सिटी – मध्यप्रदेश मेडिकल साइंसेज़ यूनिवर्सिटी, जबलपुर – को बंद करने की संभावित योजना के खिलाफ छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। राज्य सरकार ने हाल ही में नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों के अधीन भेजने का आदेश जारी किया है, जिससे छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों में नाराजगी है।

इस फैसले के विरोध में एनएसओ छात्र संगठन के सैकड़ों छात्र सोमवार को राजधानी भोपाल स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा।

“मेडिकल शिक्षा को कमजोर करने की कोशिश”
संगठन के अध्यक्ष गोपाल पाराशर ने कहा कि जब राज्य में पहले से ही एक स्वतंत्र मेडिकल यूनिवर्सिटी मौजूद है, तो नर्सिंग और पैरामेडिकल कोर्सेस को अन्य क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों से जोड़ना न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करेगा, बल्कि मेडिकल यूनिवर्सिटी को बंद करने की दिशा में एक खतरनाक कदम भी साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा, “देश के अन्य सभी राज्यों में मेडिकल से जुड़े सभी कोर्स मेडिकल यूनिवर्सिटी से ही संचालित होते हैं, जिससे डिग्री की वैधता और गुणवत्ता बनी रहती है। मध्यप्रदेश सरकार का यह निर्णय जबलपुर के साथ भेदभावपूर्ण है और क्षेत्र के विकास में बाधा बन सकता है।”

यूनिवर्सिटी में 90% पद रिक्त, नियुक्तियों की मांग
एनएसओ ने यूनिवर्सिटी में कार्यरत स्थायी अधिकारियों व कर्मचारियों के 90% रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग भी की है। संगठन का कहना है कि दो वर्ष पूर्व हुई सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है, जिससे उम्मीदवारों में असंतोष है।

इसके अलावा, संगठन ने मांग की है कि नर्सिंग कॉलेजों की 2025-26 सत्र की मान्यता प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए, इंडियन नर्सिंग काउंसिल, नई दिल्ली के नियमों का पूरी तरह पालन हो, और पूर्व में उजागर हुए नर्सिंग कॉलेज भ्रष्टाचार मामलों में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए।

आंदोलन की चेतावनी
एनएसओ के उपाध्यक्ष दीपक सिंह, प्रदेश महासचिव सचिन खींची और राघवेन्द्र लोधी ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर सरकार द्वारा शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो संगठन आगामी विधानसभा सत्र के दौरान भोपाल में और संसद सत्र के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े आंदोलन की तैयारी करेगा।

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के प्रमुख पदाधिकारी पप्पू कुमार, ज्योति, अमर, कुसुम, जितेन्द्र, प्रीतम, भुवनेश, प्रेम कुमारी, रजनी समेत सैकड़ों छात्र शामिल रहे।

Asmita Sarkar

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