
देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में गिने जाने वाले Indian Institute of Technology Kharagpur अब मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहा है। संस्थान ने पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर मेडिकल कोर्स शुरू करने की दिशा में तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और National Medical Commission को मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही IIT खड़गपुर देश का पहला IIT बन जाएगा, जहां मेडिकल कोर्स की पढ़ाई शुरू होगी।
20 सीटों के साथ शुरू होगा MD प्रोग्राम
IIT खड़गपुर की योजना पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (MD) कोर्स शुरू करने की है, जिसकी शुरुआत 20 सीटों के साथ की जाएगी। संस्थान के निदेशक Suman Chakraborty के मुताबिक, इस दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब संबंधित मंत्रालयों से अंतिम मंजूरी का इंतजार है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है, जबकि अंतिम निर्णय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लिया जाएगा।
फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
इस नए कोर्स को शुरू करने के लिए संस्थान ने पहले ही 20 डॉक्टरों की नियुक्ति फैकल्टी के रूप में कर ली है। यह प्रस्ताव 23 सितंबर 2025 को संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सामने रखा गया था, जिसके बाद इसे आगे मंजूरी के लिए भेजा गया। इससे साफ है कि IIT खड़गपुर मेडिकल शिक्षा को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है।
NEET के जरिए होगा एडमिशन
MD कोर्स में प्रवेश National Eligibility cum Entrance Test (NEET) के स्कोर के आधार पर दिया जाएगा। चयनित छात्रों को संस्थान से जुड़े अस्पतालों में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके तहत डॉ. बीसी रॉय मल्टी-स्पेशियलिटी मेडिकल रिसर्च सेंटर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में क्लिनिकल ट्रेनिंग की व्यवस्था की जाएगी।
संस्थान की योजना श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल का विस्तार करने की भी है। इसे 220 बेड वाले आधुनिक IPD अस्पताल में विकसित किया जाएगा, जिससे छात्रों को बेहतर क्लिनिकल एक्सपोजर मिल सके।
तकनीक और चिकित्सा का संगम
IIT खड़गपुर का यह कदम देश में उच्च शिक्षा के बदलते स्वरूप को दर्शाता है, जहां तकनीकी और मेडिकल शिक्षा के बीच की दूरी कम हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से रिसर्च, हेल्थकेयर इनोवेशन और इंटरडिसिप्लिनरी शिक्षा को नया बल मिलेगा।
अगर यह योजना मंजूरी पाती है, तो यह न केवल IIT सिस्टम के लिए बल्कि देश की मेडिकल शिक्षा के लिए भी एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। इससे छात्रों को एक ऐसे संस्थान में मेडिकल पढ़ाई का मौका मिलेगा, जो पहले से ही रिसर्च और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी रहा है।




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