
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 से पहले केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। National Medical Commission (NMC) ने देशभर के सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 2 और 3 मई 2026 को किसी भी मेडिकल छात्र को छुट्टी न दी जाए। साफ कहा गया है कि जिन छात्रों की छुट्टी पहले से स्वीकृत है, उन्हें भी जरूरत पड़ने पर रद्द किया जा सकता है।
NEET UG 2026 की परीक्षा रविवार, 3 मई को आयोजित होनी है। यह परीक्षा देशभर में एमबीबीएस और अन्य अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए कराई जाती है। हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। परीक्षा का आयोजन National Testing Agency (NTA) द्वारा किया जाता है।
क्यों उठाया गया यह कदम
पिछले कुछ वर्षों में NEET परीक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। खासतौर पर 2024 में सामने आए पेपर लीक मामले ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर बड़ी चिंता पैदा की थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि कुछ लोगों ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक कर छात्रों तक पहुंचाया और इसके बदले मोटी रकम वसूली गई। इस मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) को जांच सौंपी गई थी और कई गिरफ्तारियां भी हुई थीं।
NMC का साफ संदेश
NMC ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा है कि पहले ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कुछ मेडिकल कॉलेजों के छात्र संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे। ऐसे में इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
नोटिस में कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे छात्रों पर नजर रखें और उन्हें परीक्षा से जुड़ी किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से दूर रहने के लिए जागरूक करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि केवल अत्यंत आवश्यक या आपात स्थिति में ही छुट्टी दी जाए, वह भी ठोस कारण के आधार पर।
परीक्षा की निष्पक्षता पर फोकस
सरकार और संबंधित एजेंसियां इस बार NEET परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर जोर दे रही हैं। छुट्टियां रद्द करने का फैसला इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या नेटवर्किंग को रोका जा सके।
छात्रों के लिए क्या मतलब
इस फैसले का सीधा असर मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों पर पड़ेगा। उन्हें 2 और 3 मई को कॉलेज में उपस्थित रहना होगा और बिना ठोस कारण के छुट्टी नहीं मिल सकेगी। इससे यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश है कि कोई छात्र परीक्षा से जुड़े गलत कामों में शामिल न हो।
NEET UG 2026 से पहले उठाया गया यह कदम साफ संकेत देता है कि सरकार इस बार परीक्षा की साख से कोई समझौता नहीं करना चाहती और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए पहले से ही सख्त तैयारी की जा रही है।




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