
पेपर लीक के बाद दोबारा आयोजित किया गया NEET UG 2026 Re-Exam 21 जून को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया, जबकि देशभर में MBBS की कुल सीटें 1.5 लाख से भी कम हैं। ऐसे में हर साल बड़ी संख्या में छात्र अच्छे अंक लाने के बावजूद MBBS सीट हासिल नहीं कर पाते, वहीं कई उम्मीदवार अपेक्षित स्कोर न मिलने के कारण मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना अधूरा छोड़ देते हैं।
हालांकि, ऐसे छात्रों के लिए इस साल एक महत्वपूर्ण अवसर मौजूद है। यदि किसी उम्मीदवार का NEET स्कोर अच्छा नहीं आया है या उसने परीक्षा नहीं दी है, तब भी वह मेडिकल और हेल्थकेयर सेक्टर के कई प्रोफेशनल कोर्सों में दाखिला लेकर शानदार करियर बना सकता है।
बिना NEET के भी मिल सकता है मेडिकल सेक्टर में प्रवेश
राष्ट्रीय आयोग फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) से मान्यता प्राप्त 13 एलाइड हेल्थ साइंस कोर्सों में अभी भी कई विश्वविद्यालय 12वीं के अंकों के आधार पर प्रवेश दे रहे हैं। इन कोर्सों के जरिए छात्र अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों, रिसर्च संस्थानों और हेल्थकेयर इंडस्ट्री में बेहतर करियर बना सकते हैं।
इन कोर्सों में शामिल हैं—
- बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (BPT)
- इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजी (पैरामेडिक), बर्न केयर टेक्नोलॉजी और एडवांस केयर पैरामेडिकल
- बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (BOT)
- मेडिकल लेबोरेटरी साइंस
- एप्लाइड साइकोलॉजी एवं बिहेवियरल हेल्थ
- ऑप्टोमेट्री
- न्यूट्रिशन एवं डायटेटिक्स
- डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी
- रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी
- मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी
- एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी
- हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट
- फिजिशियन एसोसिएट
इस साल भी 12वीं के अंकों से होगा एडमिशन
दरअसल, NCAHP ने पहले अधिसूचना जारी कर कहा था कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन एलाइड हेल्थ कोर्सों में प्रवेश NEET UG स्कोर के आधार पर किया जाएगा। इससे छात्रों के बीच यह धारणा बन गई थी कि बिना NEET इन कोर्सों में दाखिला संभव नहीं होगा।
हालांकि, बाद में मार्च 2026 में आयोग ने संशोधित अधिसूचना जारी कर इस फैसले को स्थगित कर दिया। नए आदेश के अनुसार, NEET आधारित प्रवेश व्यवस्था को अब शैक्षणिक सत्र 2027-28 तक टाल दिया गया है।
इसका मतलब है कि 2026-27 सत्र इन कोर्सों में बिना NEET स्कोर प्रवेश लेने का अंतिम अवसर हो सकता है। इस वर्ष अधिकांश विश्वविद्यालय और संस्थान अपने निर्धारित प्रवेश नियमों के अनुसार 12वीं के अंकों या विश्वविद्यालय स्तर की प्रवेश प्रक्रिया के आधार पर दाखिला दे सकते हैं।
MBBS ही नहीं, एलाइड हेल्थ कोर्स भी हैं बेहतर करियर विकल्प
स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से बढ़ती मांग के कारण एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स की जरूरत लगातार बढ़ रही है। फिजियोथेरेपी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, ऑप्टोमेट्री और डायलिसिस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों के अलावा रिसर्च संस्थानों तथा डायग्नोस्टिक सेक्टर में भी रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जो छात्र किसी कारणवश MBBS में प्रवेश नहीं पा सके हैं, उनके लिए ये कोर्स मेडिकल क्षेत्र में सफल और स्थायी करियर बनाने का मजबूत विकल्प साबित हो सकते हैं।




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