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NMC New Rules: नए मेडिकल कॉलेज खोलना होगा मुश्किल? MBBS सीटें बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर आएंगे सख्त नियम

NMC New Rules: Will opening new medical colleges become difficult?

NMC Draft Regulations: देश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने, एमबीबीएस (MBBS) सीटों में बढ़ोतरी करने और नए मेडिकल कोर्स शुरू करने के नियम जल्द ही और सख्त हो सकते हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने इस संबंध में 2023 के मौजूदा नियमों में संशोधन का मसौदा (Draft Regulations) जारी किया है। इस ड्राफ्ट को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में प्रकाशित किया गया है और आम जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव एवं आपत्तियां मांगी गई हैं। निर्धारित समय पूरा होने के बाद सुझावों की समीक्षा कर अंतिम नियम अधिसूचित किए जा सकते हैं।

प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता, बुनियादी सुविधाओं और संस्थागत जवाबदेही को मजबूत करना बताया जा रहा है।

आवेदन से पहले पूरा होना होगा इंफ्रास्ट्रक्चर

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, कोई भी संस्था नया मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए तभी आवेदन कर सकेगी, जब उसका आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार हो। यानी आवेदन के समय केवल निर्माण कार्य शुरू होना या अधूरा भवन होना पर्याप्त नहीं होगा।

ड्राफ्ट में साफ कहा गया है कि अस्पताल या मेडिकल कॉलेज की इमारत के लिए अस्थायी व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन संस्थानों का निर्माण कार्य आवेदन के समय तक पूरा नहीं होगा, उनके आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों को शुरुआत से ही निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध हों।

नए मेडिकल कॉलेज के लिए कॉर्पस फंड होगा अनिवार्य

NMC ने नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने वाली संस्थाओं के लिए कॉर्पस फंड का प्रावधान भी प्रस्तावित किया है। आवेदन के समय संस्थान को इस संबंध में एक अंडरटेकिंग देनी होगी।

ड्राफ्ट के अनुसार, पहले से संचालित मेडिकल कॉलेजों को भी निर्धारित कॉर्पस फंड बनाना होगा। इस फंड की राशि मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) तय करेगा और आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर इसमें बदलाव किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य संस्थानों की वित्तीय स्थिरता और शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखना है।

MBBS सीटें बढ़ाने के आवेदन भी हो सकते हैं रोके

संशोधित ड्राफ्ट में एमबीबीएस सीटों में बढ़ोतरी के लिए भी नियम कड़े करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) को यह अधिकार होगा कि वह किसी विशेष शैक्षणिक सत्र या परिस्थितियों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने अथवा सीटें बढ़ाने से जुड़े आवेदनों की प्रक्रिया को रोक सके।

इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए अधिक संस्थाओं को मिलेगी पात्रता

ड्राफ्ट में पात्र संस्थाओं की सूची का विस्तार करने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत राज्य कानूनों के तहत पंजीकृत ट्रस्टों को भी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए पात्र आवेदकों की श्रेणी में शामिल किया गया है।

साथ ही, पात्रता से जुड़े कुछ प्रावधानों में संशोधन कर योग्य संस्थाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की गई है, ताकि निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले संस्थान मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में निवेश कर सकें।

सुझाव देने के लिए 30 दिन का समय

NMC ने संशोधित मसौदे पर आम जनता, मेडिकल संस्थानों और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इस प्रक्रिया के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर संशोधन के बाद अंतिम नियम लागू किए जाएंगे।

यदि ये प्रस्ताव लागू होते हैं, तो देश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, MBBS सीटों में वृद्धि और मेडिकल शिक्षा से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए संस्थानों को पहले की तुलना में अधिक सख्त मानकों का पालन करना होगा। इसका उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक एवं क्लिनिकल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

 

 

 

Asmita Sarkar

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