
देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) मेडिकल पोस्टग्रेजुएट (PG) शिक्षा में बड़ा विस्तार करने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, आयोग एमडी, एमएस और अन्य पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में करीब 5,000 नई सीटों को मंजूरी देने पर विचार कर रहा है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो इससे न केवल मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी।
जानकारी के मुताबिक, नई सीटों का बड़ा हिस्सा उन राज्यों को मिल सकता है जहां मेडिकल शिक्षा का ढांचा तेजी से विकसित हो रहा है। इनमें कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और तेलंगाना प्रमुख हैं। इन राज्यों के कई सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों ने सीट वृद्धि के लिए आवेदन किया है।
NEET PG 2026 अभ्यर्थियों के लिए राहत
सीटों में संभावित वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ NEET PG 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को मिल सकता है। इस वर्ष NEET PG परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा एमडी, एमएस, पीजी डिप्लोमा, पोस्ट-एमबीबीएस डीएनबी और कुछ अन्य स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए देश की एकमात्र राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है।
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एडमिट कार्ड 27 अगस्त 2026 को जारी किए जाएंगे, जबकि परीक्षा परिणाम 30 सितंबर 2026 तक घोषित किए जाने की संभावना है। परिणाम जारी होने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और संबंधित राज्य काउंसलिंग प्राधिकरणों द्वारा प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पिछले साल भी बढ़ी थीं हजारों सीटें
मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में NMC पहले भी कदम उठा चुका है। वर्ष 2025 में आयोग ने निजी मेडिकल कॉलेजों में 4,201 नई एमडी-एमएस (ब्रॉड स्पेशियलिटी) सीटों को मंजूरी दी थी। इन सीटों को बाद में NEET PG काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया गया था, जिससे हजारों छात्रों को अतिरिक्त अवसर मिले थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार प्रस्तावित 5,000 नई सीटें मंजूर होने पर पीजी मेडिकल शिक्षा में प्रतिस्पर्धा का दबाव कुछ हद तक कम हो सकता है और स्वास्थ्य क्षेत्र को अधिक संख्या में प्रशिक्षित विशेषज्ञ डॉक्टर मिल सकेंगे।
किन विषयों में बढ़ सकती हैं सबसे ज्यादा सीटें?
सूत्रों के अनुसार, 150 से अधिक मेडिकल कॉलेजों ने विभिन्न विशेषज्ञता पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन किया है। जिन विषयों में सीटों की संख्या बढ़ने की सबसे अधिक संभावना है, उनमें एमएस ऑर्थोपेडिक्स, एमडी एनेस्थीसियोलॉजी, एमडी रेडियो डायग्नोसिस, एमडी पीडियाट्रिक्स, एमडी जनरल मेडिसिन, एमएस प्रसूति एवं स्त्री रोग (ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी), एमएस ईएनटी, एमएस जनरल सर्जरी, एमएस नेत्र रोग (ऑफ्थैल्मोलॉजी) और एमडी पैथोलॉजी शामिल हैं।
ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर रेडियोलॉजी, जनरल मेडिसिन, एनेस्थीसियोलॉजी और पीडियाट्रिक्स जैसी शाखाओं में देशभर में विशेषज्ञों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा मजबूती का आधार
भारत में डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए मेडिकल शिक्षा का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पीजी सीटों में वृद्धि से अधिक डॉक्टर विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी।
यदि NMC आने वाले दिनों में सीट वृद्धि को अंतिम मंजूरी देता है, तो यह मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे हजारों मेडिकल स्नातकों को विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ पहुंच सकता है।




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