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NEET UG 2026: Number of candidates up by 42.5% in 7 years; only 1.40 lakh MBBS seats for 20 lakh aspirants

NEET UG 2026: 7 साल में 42.5% बढ़े उम्मीदवार, 20 लाख अभ्यर्थियों के बीच सिर्फ 1.40 लाख MBBS सीटें

NEET UG 2026: Number of candidates up by 42.5% in 7 years; only 1.40 lakh MBBS seats for 20 lakh aspirants

देश में मेडिकल शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि और सीमित सीटों के कारण प्रतियोगिता लगातार कठिन होती जा रही है। इसका सबसे बड़ा असर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या पर देखने को मिल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल द्वारा लोकसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2026 के बीच NEET UG में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या में लगभग 42.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

साल 2019 में जहां 14.10 लाख छात्रों ने NEET UG परीक्षा दी थी, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 19,99,895 तक पहुंच गई। यानी सात वर्षों में लगभग 5.99 लाख अतिरिक्त उम्मीदवार मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए। यह आंकड़ा बताता है कि देश में डॉक्टर बनने की चाह रखने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

2024 में सबसे ज्यादा छात्रों ने दी थी परीक्षा

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में NEET UG में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ी है। वर्ष 2021 में 15.44 लाख और 2022 में 17.65 लाख छात्रों ने परीक्षा दी। 2023 में पहली बार यह संख्या 20 लाख के पार पहुंची और 20.39 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।

इसके बाद 2024 में रिकॉर्ड 23.33 लाख उम्मीदवारों ने NEET UG परीक्षा दी, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा। हालांकि इसके बाद कुछ गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2025 में 22.09 लाख और 2026 में लगभग 20 लाख छात्रों ने परीक्षा दी। फिर भी 2026 का आंकड़ा 2019 की तुलना में काफी अधिक है, जो मेडिकल शिक्षा की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

मेडिकल कॉलेजों और सीटों में भी हुआ बड़ा विस्तार

मेडिकल शिक्षा की बढ़ती मांग को देखते हुए पिछले एक दशक में मेडिकल कॉलेजों और MBBS सीटों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 में देश में कुल 387 मेडिकल कॉलेज थे। यह संख्या 2026 तक बढ़कर 846 हो गई है।

इसी अवधि में MBBS सीटों की संख्या भी लगभग तीन गुना बढ़ी है। वर्ष 2014 में देशभर में 51,348 MBBS सीटें उपलब्ध थीं, जबकि 30 जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1,39,864 हो चुकी है।

इन सीटों में 464 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 66,221 सीटें और 382 निजी मेडिकल कॉलेजों में 73,643 सीटें शामिल हैं। सरकार का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए लगातार नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं और सीटों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

बढ़ती सीटों के बावजूद मुकाबला बेहद कठिन

हालांकि MBBS सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन उम्मीदवारों की संख्या की तुलना में सीटें अभी भी काफी कम हैं। वर्ष 2026 में करीब 20 लाख छात्रों ने NEET UG परीक्षा दी, जबकि देश में उपलब्ध MBBS सीटें लगभग 1.40 लाख हैं।

सरल शब्दों में कहें तो प्रत्येक सीट के लिए कई उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। यही कारण है कि NEET UG देश की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में मेडिकल शिक्षा की मांग और बढ़ सकती है, जिससे सीटों के विस्तार और नए संस्थानों की आवश्यकता भी बढ़ेगी।

मेडिकल शिक्षा में बढ़ती रुचि का संकेत

NEET UG में लगातार बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि चिकित्सा क्षेत्र आज भी छात्रों के बीच सबसे लोकप्रिय करियर विकल्पों में शामिल है। बेहतर रोजगार संभावनाएं, स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरत और चिकित्सा क्षेत्र की सामाजिक प्रतिष्ठा इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

हालांकि सीटों में बढ़ोतरी से छात्रों को कुछ राहत मिली है, लेकिन उपलब्ध सीटों और उम्मीदवारों के बीच का अंतर अभी भी बड़ा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों की संख्या और क्षमता बढ़ाना आने वाले वर्षों में नीति निर्माताओं के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती बना रहेगा।

 

 

 

Asmita Sarkar

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