
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देश के सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को अपने शिक्षण स्टाफ के National Medical Register (NMR) या State Medical Register (SMR) नंबर को Aadhaar Enabled Biometric Attendance System (AEBAS) पोर्टल पर अपडेट करने का निर्देश दिया है।
यह निर्देश उस स्थिति के बाद जारी किया गया है, जिसमें कई मेडिकल कॉलेजों के नोडल अधिकारियों ने AEBAS पोर्टल पर फैकल्टी सदस्यों का शुरुआती रजिस्ट्रेशन करते समय NMR/SMR रजिस्ट्रेशन नंबर का कॉलम खाली छोड़ दिया था।
NMC के नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत मेडिकल कॉलेजों को अपने फैकल्टी सदस्यों की जानकारी की समय-समय पर जांच और डिजिटल वेरिफिकेशन सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी के तहत आयोग ने सभी संस्थानों को अपने मेडिकल फैकल्टी सदस्यों के साथ-साथ Junior Residents (JR), Senior Residents (SR), Tutors और Demonstrators के AEBAS प्रोफाइल की भी समीक्षा कर जरूरी जानकारी अपडेट करने को कहा है।
मेडिकल फैकल्टी और JR, SR, Tutor तथा Demonstrator श्रेणी के कर्मचारियों के लिए नोडल अधिकारियों को निर्धारित कॉलम में सही और वैध NMR या SMR रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा। इस कॉलम को खाली नहीं छोड़ा जा सकता।
वहीं, गैर-मेडिकल फैकल्टी सदस्यों और MSc तथा PhD जैसी योग्यता रखने वाले Tutors और Demonstrators के मामले में संस्थानों को रजिस्ट्रेशन नंबर वाले कॉलम में ‘NA’ दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
NMC ने मेडिकल कॉलेजों को नोटिस जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर यह पूरी अपडेट प्रक्रिया करने को कहा है।
जानकारी अपडेट नहीं करने पर हो सकती है कार्रवाई
NMC ने निर्देशों का पालन नहीं करने पर संभावित परिणामों को लेकर भी मेडिकल कॉलेजों को चेतावनी दी है। निर्धारित समयसीमा के भीतर जरूरी जानकारी अपडेट नहीं करने पर NMC का सिस्टम संबंधित संस्थान के दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड (Daily Attendance Records) को ब्लॉक कर सकता है और उन्हें स्वतः अस्वीकार कर सकता है।
इसका असर मेडिकल कॉलेज की NMC Compliance Status पर भी पड़ सकता है। NMC के आकलन और निरीक्षण के दौरान संस्थान की अनुपालन स्थिति की समीक्षा की जाती है। ऐसे में AEBAS पोर्टल पर जरूरी जानकारी अपडेट नहीं होने से संस्थान के लिए परेशानी बढ़ सकती है।
आयोग के इस निर्देश का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण स्टाफ और अन्य संबंधित श्रेणियों के कर्मचारियों की जानकारी को डिजिटल रूप से सही और सत्यापित रखना है। इससे फैकल्टी की पहचान, उपस्थिति और NMC के नियामक मानकों के अनुपालन की निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।




Add comment