
मौजूदा वक़्त में तेज गति से बदलते रोज़गार बाज़ार में छात्रों को भी अपडेट रहना ज़रूरी है। कई बार कॉम्पीटीशन के कारण विश्वविद्यालय के डिग्री प्रोग्राम में दाखिला हासिल करना कठिन हो जाता है। लेकिन ऐसा नहीं कि इससे करियर ठहर जाता है। छात्र अलग अलग तरह के डिप्लोमा कोर्स करके भी करियर की रेस में न सिर्फ बने रह सकते हैं बल्कि उसे नई ऊंचाई तक भी ले जा सकते हैं। डिप्लोमा कोर्स उन लोगों के लिए एक बढ़िया विकल्प है, जो विश्वविद्यालय में प्रवेश के दबाव के बिना महत्वपूर्ण कौशल विकसित करना चाहते हैं। ये कोर्स व्यावहारिक कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो आपको पेशेवर रूप से आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
यहाँ हम डिजाइनिंग से जुड़े डिप्लोमा कोर्स के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं जिसे आप अपनी 10वीं या 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद कर सकते हैं। यह आपको व्यावहारिक अनुभव तो प्रदान करेंगे ही, आपके करियर लक्ष्यों की दिशा में एक अहम् पड़ाव भी साबित होंगे। इन डिप्लोमा कोर्स के बूते भी आप अपने भविष्य को सफलता की ओर मोड़ सकते हैं।
1. ग्राफिक डिजाइनिंग
भारत में ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स कराने वाले कुछ शीर्ष कॉलेज नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) और पर्ल एकेडमी हैं। इस कोर्स से आप एडवरटाइजिंग, वेबसाइट्स और सोशल मीडिया के लिए क्रिएटिव डिजाइन बना सकते हैं। ग्राफिक डिजाइनिंग कोर्स पूरा करने के बाद कोई भी व्यक्ति ग्राफिक डिजाइनर, पिक्चर एडिटर, डिजाइन मैनेजर, शिक्षक या लेक्चरर के रूप में नौकरी पा सकता है। इसके अलावा, कोई व्यक्ति UX डिजाइनर, वेब डिजाइनर, एडिटोरियल डिजाइनर, आर्ट डायरेक्टर, एडवरटाइजिंग आर्ट डायरेक्टर और एनिमेशन डिजाइनर जैसे अन्य वैकल्पिक जॉब प्रोफाइल भी अपना सकता है । एक एंट्री लेवल ग्राफिक डिजाइनर का औसत वेतन 3.8 LPA है।
2. इंटीरियर डिजाइनिंग
इंटीरियर डिजाइन में डिप्लोमा करके आप घरों और ऑफिस स्पेस को आकर्षक और फंक्शनल बना सकते हैं। इंटीरियर डिजाइन यूजी कोर्स वे उम्मीदवार कर सकते हैं जिन्होंने किसी भी स्ट्रीम में कक्षा 12 या समकक्ष उत्तीर्ण किया हो। इंटीरियर डिजाइन के कुछ कोर्स जो स्नातक स्तर पर किए जा सकते हैं, वे हैं इंटीरियर डिजाइन में बीडीएस , इंटीरियर डिजाइन में बीएससी और इंटीरियर डिजाइन में बीए, स्नातक स्नातकोत्तर स्तर पर इंटीरियर डिजाइन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं।इंटीरियर डिजाइन एक कोर्स नहीं है, बल्कि डिजाइन, कला और विज्ञान की डिग्री में दी जाने वाली विशेषज्ञता है। एक इंटीरियर डिजाइनर का औसत वेतन 1.2 LPA और 6.6 LPA के बीच होता है।
3. फैशन डिजाइनिंग
फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा से आप अपनी खुद की फैशन लाइन शुरू कर सकते हैं या बड़े ब्रांड्स में काम कर सकते हैं। यह छात्रों को फैशन डिजाइन, मर्चेंडाइजिंग, मार्केटिंग और व्यापक स्तर पर फैशन के प्रति दृष्टिकोण रखने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में एक नया रास्ता खुलता है। इसके पाठ्यक्रम कई स्तरों जैसे यूजी, पीजी, डॉक्टरेट, प्रमाणन और डिप्लोमा पर पेश किए जाते हैं। कुछ लोकप्रिय फैशन डिजाइन पाठ्यक्रमों में फैशन डिजाइन में बी.डेस, बैचलर ऑफ डिजाइन, फैशन डिजाइन में एम.डेस, फैशन प्रबंधन में एमबीए, फैशन में पीएचडी, क्रिएटिव फैशन स्टाइलिंग में सर्टिफिकेट, फैशन रिटेल मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट, ऑनलाइन फैशन डिज़ाइन कोर्स और बहुत कुछ शामिल हैं। भारत में 770 से ज्यादा निजी कॉलेज हैं जो स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर फैशन डिजाइन पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं।
4. वेब डिजाइनिंग और डेवलपमेंट
वेब डिजाइनिंग और डेवलपमेंट में करियर से आप वेबसाइट्स और ऐप्स के लिए क्रिएटिव और यूजर-फ्रेंडली डिजाइन बना सकते हैं। वेब डिजाइनिंग में डिप्लोमा एक 1 साल का कोर्स है जो विश्वविद्यालय पर निर्भर करता है, जहाँ उम्मीदवार वेबसाइट डिजाइन करने के विभिन्न पहलुओं के बारे में सीखते हैं। वेब डिजाइनिंग में डिप्लोमा के बाद शुरुआती वेतन लगभग 2 लाख से 8 लाख रुपये प्रति वर्ष है। जो उम्मीदवार वेब डेवलपर , वेब डिज़ाइनर , लेआउट एनालिस्ट, वेब मार्केटिंग एनालिस्ट, फ्रंट एंड वेब डेवलपर्स बनना चाहते हैं, वे ज्यादातर इस कोर्स को करते हैं।
5. मल्टीमीडिया डिजाइन
मल्टीमीडिया डिजाइन में आप क्रिएटिव वीडियोज, एनिमेशन, और डिजिटल कंटेंट बनाकर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर काम कर सकते हैं। यह पाठ्यक्रम न्यूनतम 12 महीने की अवधि या अधिकतम 19 या 24 महीने के लिए पूर्णकालिक मोड में पेश किया जाता है। इस कोर्स को करने के लिए मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम (विज्ञान/वाणिज्य/कला) में 10+2 परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र अधिकांश संस्थानों में प्रवेश पाने के पात्र हैं। कुछ संस्थानों के मामले में कुल मिलाकर 50% का न्यूनतम अंक मानदंड लागू हो सकता है।




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