
अगर आप डिज़ाइन के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं, तो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (NID) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) दो प्रमुख विकल्प हैं। हालांकि दोनों संस्थान डिज़ाइन शिक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन इनकी विशेषज्ञता, पाठ्यक्रम संरचना और करियर की दिशा में अहम अंतर है।
NID: बहुआयामी डिज़ाइन शिक्षा का केंद्र
1961 में स्थापित NID, भारत का अग्रणी डिज़ाइन संस्थान है जो उत्पाद डिज़ाइन, ग्राफिक डिज़ाइन, एनीमेशन, फर्नीचर, इंटरफेस और वीडियो कम्युनिकेशन जैसे विविध क्षेत्रों में शिक्षा देता है। यहां नवाचार, सौंदर्यबोध और व्यावहारिक उपयोग को प्राथमिकता दी जाती है।
प्रमुख कोर्स:
प्रोडक्ट डिज़ाइन
सिरेमिक और ग्लास डिज़ाइन
एनिमेशन फिल्म डिज़ाइन
टेक्सटाइल डिज़ाइन
फर्नीचर डिज़ाइन
ग्राफिक डिज़ाइन
फिल्म और वीडियो कम्युनिकेशन
एग्ज़िबिशन डिज़ाइन
कैंपस स्थान:
अहमदाबाद, गांधीनगर, बेंगलुरु (R&D), कुरुक्षेत्र, विजयवाड़ा
नए कैंपस: मध्य प्रदेश, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, असम
NIFT: फैशन और तकनीक का मेल
NIFT फैशन, टेक्सटाइल और उससे जुड़ी तकनीकों का प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है। यह फैशन इंडस्ट्री की ज़रूरतों के अनुसार छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देता है।
प्रमुख कोर्स:
बी.डेस. (फैशन, चमड़ा, एक्सेसरी, टेक्सटाइल, निटवियर डिज़ाइन)
बी.एफ.टेक. (परिधान निर्माण)
एम.डेस. (डिज़ाइन)
एम.एफ.एम. (फैशन मैनेजमेंट)
एम.एफ.टेक. (फैशन टेक्नोलॉजी)
कैंपस स्थान:
देशभर के 16 शहरों में—दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, गांधीनगर, पटना, श्रीनगर आदि
प्रवेश योग्यता और आयु सीमा
NID:
आयु सीमा (जनरल): 1 जुलाई 2002 या उसके बाद जन्मे
शैक्षणिक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 उत्तीर्ण या 2026 तक उत्तीर्ण करने वाले
NIFT:
आयु सीमा (जनरल): अधिकतम 24 वर्ष
शैक्षणिक योग्यता: मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10+2 उत्तीर्ण
NID और NIFT की प्रवेश परीक्षाओं में क्या है अंतर?
डिज़ाइन क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए NID (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन) और NIFT (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी) की प्रवेश परीक्षाएं दो प्रमुख रास्ते हैं, लेकिन इन दोनों की परीक्षा संरचना, भाषा, अंकन प्रणाली और उद्देश्य में कई महत्वपूर्ण अंतर हैं।
NID की प्रवेश परीक्षा का उद्देश्य छात्रों को डिज़ाइन के विभिन्न क्षेत्रों—जैसे प्रोडक्ट, ग्राफिक, एनीमेशन आदि—में दाखिला देना होता है, जबकि NIFT की परीक्षा फैशन डिज़ाइन, टेक्सटाइल, फैशन मैनेजमेंट और फैशन टेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रमों के लिए होती है।
NID में चयन तीन चरणों में होता है—प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू—जबकि NIFT की परीक्षा दो मुख्य भागों में बंटी होती है: GAT (जनरल एबिलिटी टेस्ट) और CAT (क्रिएटिव एबिलिटी टेस्ट)।
NID की परीक्षा केवल अंग्रेज़ी भाषा में आयोजित की जाती है, जबकि NIFT की परीक्षा अंग्रेज़ी और हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होती है। परीक्षा की अवधि की बात करें तो NID की CAT परीक्षा कुल 3 घंटे की होती है, जबकि NIFT की GAT परीक्षा 2 घंटे और CAT परीक्षा 3 घंटे की होती है।
अंकों की बात करें तो NID की परीक्षा का कुल स्कोर 100 अंकों का होता है, जबकि NIFT में GAT और CAT दोनों के लिए अलग-अलग 100-100 अंक निर्धारित हैं। प्रश्नों की संख्या NID में लगभग 26 होती है, जबकि NIFT के GAT में कुल 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होते हैं।
एक और महत्वपूर्ण अंतर है नकारात्मक अंकन का। NID में गलत उत्तरों के लिए कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता, जबकि NIFT में प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक काटे जाते हैं।
करियर संभावनाएं
NID से संभावित करियर:
इंडस्ट्रियल डिज़ाइनर
UI/UX डिज़ाइनर
ग्राफिक डिज़ाइनर
एनीमेशन डिज़ाइनर
डिज़ाइन कंसल्टेंट
NIFT से संभावित करियर:
फैशन डिज़ाइनर
टेक्सटाइल एक्सपर्ट
फैशन इलस्ट्रेटर
मर्चेंडाइज़र
ब्रांड मैनेजर
सैलरी और प्लेसमेंट
दोनों संस्थानों से पासआउट छात्र देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों और ब्रांड्स में प्लेस होते हैं। शुरुआती सैलरी ₹8 से ₹20 लाख प्रति वर्ष तक हो सकती है, जो छात्र की विशेषज्ञता, पोर्टफोलियो और स्किल्स पर निर्भर करती है।




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