
आए दिन बाजार में फैशन के नए-नए डिजाइन और अलग-अलग रंगों के कलर कॉम्बिनेशन देखने को मिल रहे है। डिजाइनर कपड़ों की बढ़ती मांग के चलते फैशन इंडस्ट्री में बहुत तेजी से उछाल आया है। इंडियन फैशन इंडस्ट्री ग्लोबल रूप ले चुकी है। हर महीने करोड़ों का कारोबार होता है। यहां तक कि भारत में तैयार होने वाले कपड़ों की मांग देश में ही नहीं, विदेशों में भी खूब है। ऐसे में फैशन डिजाइनिंग में करियर की बहुत अच्छी संभावनाएं हैं।
जरुरी योग्यताएं
फैशन डिजाइनिंग कोर्स के लिए सबसे जरुरी है रचनात्मकता और कला। साथ ही अच्छी कम्यूनिकेशन स्किल्स का होना भी जरूरी है। फैशन जगत में फैब्रिक और एक्सेसरीज की जानकारी भी बहुत जरूरी है। फैशन डिजाइनिंग में रुचि रखने वालों के लिए देश में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) के कई कोर्स है। वर्ष 1961 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन उक्त स्वायत्त संस्थान की स्थापना की गई थी। एनआईडी में ग्रेजुएशन, डिप्लोमा प्रोग्राम इन डिजाइन (जीडीपीडी) और पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा प्रोग्राम इन डिजाइन (पीजीडीपीडी) पाठय़क्रम होते है। ग्रेजुएट कोर्स के लिए बारहवीं पास और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए बैचलर की डिग्री जरूरी है। साथ ही एडमिशन के लिए लिखित परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन और साक्षात्कार से गुजरना पड़ता है। वहीं पीजी में प्रवेश के लिए स्नातक होना जरूरी है। अभ्यर्थी के पास विजुअल परसेप्शन एबिलिटी, ड्राइंग स्किल, लॉजिकल रीजनिंग और क्रिएटीविटी के साथ कम्युनिकेशन स्किल्स होना बेहद जरूरी है। पाठय़क्रम में दाखिला लेने के लिए इच्छुक छात्रों को संस्थान द्वारा आयोजित डिजाइन एप्टीट्य़ूड टेस्ट (डीएटी) की परीक्षा पास करनी होती है। निफ्ट जैसे इंस्टीट्यूट में एडमिशन के लिए लिखित परीक्षा के साथ ग्रुप डिसक्शन और पर्सनल इंटरव्यू के दौर से गुजरना पड़ता है। दरअसल, फैशन डिजाइनिंग का क्षेत्र तीन भागों में बंटा हुआ है। इसमें गारमेंट डिजाइन, लेदर डिजाइन और एक्सेसरीज-जूलरी डिजाइन शामिल है। इसके अलावा, फैशन बिजनेस मैनेजमेंट, फैशन रिटेल मैनेजमेंट, फैशन मार्केटिंग, डिजाइन प्रोडक्शन मैनेजमेंट आदि कोर्स में डिग्री हासिल कर सकते हैं। इसके लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों से ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स किए जा सकते हैं।
रोजगार के अवसर
फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने के बाद आप प्रोडक्शन, फैशन मार्केटिंग, डिजाइन प्रोडक्शन मैनेजमेंट, फैशन मीडिया, क्वालिटी कंट्रोल, फैशन एक्सेसिरीज डिजाइन और ब्रांड प्रमोशन में काम कर सकते हैं। इसके अलावा, कॉस्ट्यूम डिजाइनर, फैशन कंसल्टेंट, टेक्निकल डिजाइनर, ग्राफिक डिजाइनर. प्रोडक्शन पैटर्न मेकर, फैशन कॉर्डिनेटर आदि के रूप में भी करियर बना सकते हैं।
कोर्स
फैशन डिजाइनिंग एक प्रोफेशनल कोर्स है, जो 12वीं के बाद किया जा सकता है। इसके तहत अपेरल डिजाइनिंग, फैशन डिजाइनिंग, प्रोडक्शन मैनेजमेंट, क्लोदिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल साइंस, फैब्रिक डॉइंग एवं प्रिंटिंग, कलर मिक्सिंग एवं कंप्यूटर एडेड डिजाइन आदि क्षेत्रों में से किसी एक का चुनाव कर सकते हैं। इसमें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा, फाउंडेशन डिग्री, डिग्री और पीजी डिग्री तक कोर्स उपलब्ध हैं।
वेतनमान
प्रशिक्षु के तौर पर वेतन 20-30 हजार रुपये तक मिलता है। अनुभव से कमाई 40-60 हजार तक होने लगती है। आपकी पहचान अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच गई तो आमदनी खासी बढ़ सकती है। वहीं निफ्ट समेत कई अन्य महत्वपूर्ण संस्था से कोर्स करने पर कैंपस प्लेसमेंट होने से लाखों के पैकेज्ड सैलरी पर करियर की शुरुआत की जा सकती है।
कुछ महत्वपूर्ण संस्थान
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
पर्ल एकेडमी ऑफ फैशन, नई दिल्ली
स्कूल ऑफ फैशन टैक्नोलॉजी, पुणे
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग, चंडीगढ़




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