
भारत जहां एक ओर वैश्विक तकनीक और इनोवेशन हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है, वहीं इसकी क्रिएटिव इकॉनमी भी तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है। इस बदलाव में डिज़ाइन शिक्षा अहम भूमिका निभा रही है। Design India Collective जैसे संस्थान मेंटरशिप आधारित और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड लर्निंग के जरिए छात्रों को डिज़ाइन करियर के लिए तैयार करने के तरीके को नया रूप दे रहे हैं।
बड़ा विज़न: भारत को बनाना वर्ल्ड डिज़ाइन कैपिटल
भारत की समृद्ध डिज़ाइन विरासत—चाहे वह पारंपरिक वास्तुकला और हस्तशिल्प हो या आधुनिक डिजिटल इनोवेशन—देश को आगे बढ़ने के लिए मजबूत आधार देती है। जैसे-जैसे यूजर एक्सपीरियंस, डिज़ाइन थिंकिंग और क्रिएटिव प्रॉब्लम सॉल्विंग जैसी स्किल्स की मांग बढ़ रही है, वैसे-वैसे शिक्षा का फोकस केवल थ्योरी से हटकर प्रैक्टिकल और हैंड्स-ऑन लर्निंग की ओर शिफ्ट हो रहा है।
Design India Collective इस बदलते परिदृश्य में अपनी अलग पहचान बना रहा है और भारत को ग्लोबल डिज़ाइन कैपिटल बनाने के बड़े लक्ष्य में योगदान देना चाहता है। यह संस्थान पारंपरिक कला और आधुनिक तकनीकों का मिश्रण कर छात्रों को तेजी से बढ़ती डिज़ाइन इंडस्ट्री के अनुरूप तैयार कर रहा है।
एक्सपीरिएंशियल लर्निंग पर खास जोर
इस संस्थान की सबसे बड़ी खासियत इसका अनुभव आधारित शिक्षण मॉडल है। यहां छात्रों को इंडस्ट्री एक्सपर्ट सेशन, वर्कशॉप, एग्जीबिशन और स्टूडियो प्रोजेक्ट्स के जरिए वास्तविक दुनिया के डिज़ाइन अनुभव से जोड़ा जाता है।
प्रोडक्ट डिज़ाइन से लेकर विजुअल कम्युनिकेशन तक, पाठ्यक्रम कई क्षेत्रों को कवर करता है। इससे छात्र ऐसे पोर्टफोलियो तैयार कर पाते हैं जो उनकी क्रिएटिविटी के साथ-साथ प्रैक्टिकल स्किल्स को भी दर्शाते हैं—जो प्रतिस्पर्धी एडमिशन प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
‘85 Portfolio Possibilities’ से मिलती बढ़त
संस्थान का “85 Portfolio Possibilities Framework” इसकी एक खास पहचान है। यह स्ट्रक्चर्ड मॉडल छात्रों को विभिन्न डिज़ाइन क्षेत्रों को समझने और मजबूत, अलग पहचान वाले पोर्टफोलियो बनाने में मदद करता है। इससे छात्र अपनी क्रिएटिव ताकत को पहचान पाते हैं और कड़ी प्रतिस्पर्धा में खुद को अलग साबित कर सकते हैं।
बेहतर परिणाम और विस्तार की योजना
यहां के छात्रों ने भारत और विदेश के कई शीर्ष डिज़ाइन कॉलेजों में दाखिला हासिल किया है, जिनमें कई को स्कॉलरशिप भी मिली है। संस्थान का फोकस सिर्फ परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि छात्रों को लंबे समय के लिए करियर-रेडी बनाना है।
Genius Nestlings की शुरुआत 2009 में हुई थी, जिसे 2023 में Design India Collective के रूप में नया रूप दिया गया। अब संस्थान का पूरा ध्यान डिज़ाइन शिक्षा पर केंद्रित है। आगे की योजना में टियर-2 और टियर-3 शहरों तक विस्तार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च करना और देशभर में इंडस्ट्री व यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी करना शामिल है।
प्रभाव के लिए डिज़ाइन
भारत का इनोवेशन इकोसिस्टम जैसे-जैसे बढ़ रहा है, डिज़ाइन अब केवल करियर विकल्प नहीं रह गया है, बल्कि यह वास्तविक समस्याओं के समाधान का एक मजबूत माध्यम बन चुका है। Design India Collective एथिकल और ह्यूमन-सेंट्रिक डिज़ाइन थिंकिंग को बढ़ावा देता है।
आज के समय में जब रटने से ज्यादा क्रिएटिविटी और समस्या-समाधान की क्षमता मायने रखती है, ऐसे प्रयास यह दिखाते हैं कि शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। छात्र अब सिर्फ इंडस्ट्री में जगह नहीं बना रहे, बल्कि उसे भीतर से गढ़ भी रहे हैं।




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