
राजस्थान के जयपुर में आयोजित एडइनबॉक्स रीजनल हायर एजुकेशन समिट 2026 (Edinbox Regional Higher Education Summit 2026) के दौरान रितिका अग्रवाल ने The Design Village (TDV) के काउंसलर से बातचीत की। इस चर्चा में डिजाइन शिक्षा के बदलते स्वरूप और एक सफल डिजाइनर बनने के जरूरी गुणों पर विस्तार से बात हुई।
बातचीत में सबसे अहम बात सामने आई कि डिजाइन के क्षेत्र में केवल तकनीकी कौशल या सॉफ्टवेयर की जानकारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही इरादा और जिज्ञासा ज्यादा मायने रखती है। काउंसलर के अनुसार, यदि किसी छात्र के भीतर सीखने की इच्छा और स्पष्ट उद्देश्य है, तो वह एक मजबूत डिजाइनर बन सकता है। वहीं, बिना उद्देश्य के प्रतिभाशाली छात्र भी सही दिशा नहीं पकड़ पाते।
अक्सर देखा जाता है कि छात्र अपने अंकों पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन इस सोच को बदलने की जरूरत है। डिजाइन जैसे क्षेत्र में केवल नंबर किसी की रचनात्मकता या समस्या सुलझाने की क्षमता को नहीं दर्शा सकते। यहां यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि छात्र किस तरह सोचता है, चीजों को कैसे देखता है और वास्तविक समस्याओं का समाधान कैसे निकालता है। इसी कारण संस्थान अब केवल अकादमिक स्कोर के बजाय छात्रों के इरादे और रुचि को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
कैरियर निर्माण में काउंसलर की भूमिका भी बेहद अहम मानी गई। काउंसलर छात्रों की ताकत को पहचानने, उनकी रुचियों को समझने और उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ाने का काम करते हैं। सही मार्गदर्शन मिलने पर छात्र अपनी क्षमताओं को बेहतर तरीके से विकसित कर पाते हैं और आगे चलकर उद्योग में अपनी पहचान बना सकते हैं।
आज के समय में डिजाइन के क्षेत्र में अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रोडक्ट डिजाइन, कम्युनिकेशन, यूजर एक्सपीरियंस और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में छात्र अपने लिए नए रास्ते बना सकते हैं। डिजाइन अब सीमित क्षेत्र नहीं रहा, बल्कि यह हर सेक्टर में अपनी जगह बना चुका है। सही सोच और तैयारी के साथ छात्र ऐसे करियर बना सकते हैं, जो कुछ साल पहले तक मौजूद भी नहीं थे।
The Design Village का दृष्टिकोण भी इसी दिशा में काम करता है। संस्थान का उद्देश्य ऐसे डिजाइनर तैयार करना है, जो बहुमुखी हों और अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने की क्षमता रखते हों। यहां इंटरडिसिप्लिनरी अप्रोच अपनाई जाती है, जिसमें छात्रों को नए क्षेत्रों को समझने, प्रयोग करने और खुद को बदलते माहौल के अनुसार ढालने के लिए प्रेरित किया जाता है। लक्ष्य केवल नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक समस्याओं का रचनात्मक समाधान देने के लिए सक्षम बनाना है।
यह बातचीत एक साफ संदेश देती है कि आज के बदलते शिक्षा माहौल में अंकों से ज्यादा इरादा और जिज्ञासा मायने रखते हैं। सही मार्गदर्शन और दृष्टिकोण के साथ छात्र डिजाइन के क्षेत्र में अपना भविष्य खुद तय कर सकते हैं।




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