
उत्तर प्रदेश अब फॉरेंसिक साइंस के क्षेत्र में तेजी से पहचान बना रहा है। लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) युवाओं को अपराध जांच की आधुनिक तकनीकों में दक्ष बना रहा है। यह संस्थान न केवल विज्ञान, कानून और तकनीक के संगम पर आधारित कोर्स उपलब्ध कराता है, बल्कि छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और रिसर्च के जरिए वैश्विक स्तर की शिक्षा भी प्रदान करता है।
भविष्य संवारने वाले कोर्स
बी.एससी.–एम.एससी. फॉरेंसिक साइंस (5 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स)
प्रवेश: NFAT, NEET, CUET (UG)
प्रशिक्षण: क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन, DNA एनालिसिस, टॉक्सिकोलॉजी, डिजिटल फॉरेंसिक्स
बी.एससी. एलएल.बी (5 वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम)
प्रवेश: CLAT, CUET, JEE (Mains), AILET
विशेषता: कानून और फॉरेंसिक का अनोखा मिश्रण
बी.टेक.–एम.टेक. इन कंप्यूटर साइंस (साइबर सिक्योरिटी स्पेशलाइजेशन)
प्रवेश: JEE (Mains/Advanced)
प्रशिक्षण: डिजिटल अपराध, डेटा सुरक्षा, नेटवर्क डिफेंस
एम.एससी. फॉरेंसिक साइंस (2 वर्ष)
प्रवेश: NFAT, CUET (PG)
विशेषता: गहन रिसर्च और फील्ड वर्क का अनुभव
एल.एल.एम. (क्रिमिनल लॉ, साइबर लॉ एंड इन्वेस्टिगेशन – 1 वर्ष)
प्रवेश: CLAT (PG), CUET (PG), AILET
उद्देश्य: क्रिमिनल लॉ और न्याय प्रशासन में विशेषज्ञता
एम.टेक. (एआई एंड डेटा साइंस – साइबर सिक्योरिटी स्पेशलाइजेशन)
प्रवेश: GATE, CUET (PG)
प्रशिक्षण: AI और डेटा एनालिसिस की मदद से साइबर अपराध जांच
स्पेशल प्रोग्राम और सर्टिफिकेट कोर्स
UPSIFS डिग्री कोर्स के साथ कई एडवांस्ड सर्टिफिकेट प्रोग्राम भी चलाता है—
– IFDP: फॉरेंसिक में नए ट्रेंड्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी और डेटा प्रोटेक्शन
– एडवांस्ड सर्टिफिकेट इन साइबर थ्रेट्स, डिजिटल फॉरेंसिक्स एंड लीगल रिस्पॉन्स
– Law with Labs: Cyber Forensics in Practice (प्रैक्टिकल आधारित कोर्स)
क्यों चुनें UPSIFS?
UPSIFS देश का पहला ऐसा संस्थान है, जिसने “Law with Labs” जैसे इनोवेटिव मॉडल को अपनाया है। यहां छात्र न केवल क्लासरूम थ्योरी सीखते हैं, बल्कि फॉरेंसिक लैब्स में वास्तविक केस वर्क पर भी काम करते हैं। यही अनूठा तरीका उन्हें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में दक्ष बनाता है और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार करता है।




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