
आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस उर्फ एआई सेक्टर में तेजी से विकास हो रहा है। वैश्विक स्तर पर कई देश एआई की दिशा में काम कर रहे हैं। हाल ही में गिटहब की एक रिपोर्ट से पता चला है कि भारत ने जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के मामले में दूसरे पायदान पर जगह बना ली है। भारत में डेवलपर्स एआई में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। गिटहब की रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर भारतीय डेवलपर्स की संख्या 2024 में 28% बढ़कर 1.7 करोड़ के पार हो गई है।
इस साल फरवरी तक अमेरिका में दो करोड़ की तुलना में लगभग 1.32 करोड़ भारतीय डेवलपर्स गिटहब का उपयोग कर रहे थे। अनुमान है कि भारत 2028 तक अमेरिका को भी पछाड़ सकता है। गिटहब के सीईओ थॉमस डोहमके ने कहा, भारतीय डेवलपर्स एआई की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं जिससे इंडिया भी दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला टॉप 10 डेवलपर कम्युनिटी की लिस्ट में शामिल हो गया है डोहमके ने इन देशों की सूची सोशल मीडिया पर साझा की है। इसमें अमेरिका पहले, भारत दूसरे, हांगकांग तीसरे, चीन चौथे व जर्मनी पांचवें पायदान पर है।
भारत दूसरे पायदान पर है, इससे एक बात तो साफ है कि भारत में डेवलपर्स एआई में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। डेवलपर्स के यही प्रयास सॉफ्टवेयर के भविष्य को आकार दे रहे हैं और वैश्विक स्तर पर इनोवेशन को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। जेनरेटिव एआई के इस्तेमाल में भारतीय डेवलपर्स को लेकर जारी रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने भी खुशी जताई है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, जब नवाचार और तकनीक की बात आती है, तो भारतीय युवा सर्वश्रेष्ठ हैं।




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