
एडटेक स्टार्टअप बायजू के फाउंडर बायजू रवींद्रन पर फिर से एक नया आरोप लगा है। कहा जा रहा है कि उन्होंने कथित तौर पर अमेरिकी लेंडर्स से छिपाए गए लोन के पैसों का इस्तेमाल एक सॉफ्टवेयर कंपनी को सीक्रेट तरीके से वापस खरीदने की कोशिश करने के लिए की। ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुताबिक बायजू रवींद्रन के खिलाफ ये आरोप नई कोर्ट फाइलिंग में सामने आया है।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, एडटेक दिग्गज बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन ने कथित तौर पर सीक्रेट पैसों का यूज करके एपिक! को गुप्त रूप से पुनर्खरीद करने का प्रयास किया, जो एक अमेरिकी ट्रस्टी द्वारा अधिग्रहित अमेरिका स्थित शिक्षा सॉफ्टवेयर कंपनी है।
रिपोर्ट के अनुसार, नेब्रास्का के व्यवसायी विलियम आर हेलर के अनुसार, रवींद्रन कानूनी लड़ाई के बीच अपने संकटग्रस्त एडटेक सॉफ्टवेयर पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि बायजू भारत में अदालती निगरानी में है, जहां इसकी मूल कंपनी स्थित है, और अमेरिका में, जहां इसकी कुछ सबसे मूल्यवान इकाइयां स्थित हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रवींद्रन ने कथित तौर पर एक पूर्व राजनीतिक सलाहकार हैलर को संकटग्रस्त लोन के तहत 1.2 बिलियन डॉलर से अधिक के अमेरिकी लेनदारों को खरीदने में मदद करने के लिए भर्ती किया। प्रस्तावित योजना में एपिक के स्वामित्व के लिए लोन की अदला-बदली शामिल थी, जो डॉलर पर केवल 0.24 सेंट पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, डेलावेयर में अमेरिकी दिवालियापन न्यायालय की फाइलिंग के अनुसार, यह प्रयास विफल रहा।




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