
ऑस्ट्रेलिया ने चीनी टेक कंपनी DeepSeek की सभी सेवाओं को सरकारी सिस्टम और उपकरणों पर प्रतिबंधित कर दिया है, जिसे लेकर चीन के एआई विशेषज्ञों ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस फैसले को विचारधारा से प्रेरित बताते हुए कहा कि कुछ पश्चिमी देश चीन की तकनीकी प्रगति का निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करने में असमर्थ हैं। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ABC की रिपोर्ट के अनुसार, संघीय सरकार ने DeepSeek को “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अस्वीकार्य खतरा” करार देते हुए इसे बैन कर दिया है। इससे पहले इटली भी इसी तरह का कदम उठा चुका है।
इस प्रतिबंध के तहत, ऑस्ट्रेलिया पोस्ट और ABC जैसी कॉर्पोरेट संस्थाओं को छोड़कर सभी सरकारी एजेंसियों को अपने उपकरणों से DeepSeek से जुड़े सभी उत्पादों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है। ऑस्ट्रेलियाई गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने The Guardian से बातचीत में कहा कि यह निर्णय सरकारी सिस्टम और संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है, न कि इसलिए कि यह ऐप चीन में विकसित हुआ है। ऑस्ट्रेलिया का यह फैसला अमेरिका की NASA और पेंटागन सहित कई एजेंसियों द्वारा लिए गए समान फैसलों के अनुरूप है।
बीजिंग यूनिवर्सिटी ऑफ पोस्ट्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस के ह्यूमन-मशीन इंटरैक्शन और कॉग्निटिव इंजीनियरिंग लैब के निदेशक लियू वेई ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया का यह कदम तकनीकी चिंताओं से अधिक विचारधारा से प्रेरित भेदभाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिकी संघीय एजेंसियां चीनी तकनीक को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाती हैं, तो ऑस्ट्रेलिया भी उनके नक्शे कदम पर चलने को बाध्य महसूस करता है।
लियू वेई ने आगे कहा कि अगर ऑस्ट्रेलिया वास्तव में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर तकनीकी जोखिमों की बात कर रहा होता, तो उसे अमेरिकी कंपनी OpenAI और उन अन्य टेक कंपनियों को भी प्रतिबंधित करना चाहिए था, जो DeepSeek के साथ काम कर रही हैं। लेकिन ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार अमेरिकी एआई कंपनियों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाने वाली है।




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