
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संभावित खतरों को लेकर Anthropic के सह-संस्थापक और सीईओ डेरियो अमोदेई ने एक बार फिर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आने वाले 1 से 5 वर्षों में AI, एंट्री-लेवल वाइट कॉलर जॉब्स का 50% तक सफाया कर सकता है। इसका असर वैश्विक बेरोजगारी दर को 10-20% तक बढ़ा सकता है।
“मास एलिमिनेशन” की चेतावनी
अमोदेई के अनुसार, यह बदलाव एंट्री-लेवल पर “मास एलिमिनेशन” का रूप ले सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि वे ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं तो समय रहते अपस्किलिंग या वैकल्पिक करियर विकल्पों पर विचार करें।
उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, लॉ और कंसल्टिंग जैसे सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित होंगे, जहां AI पहले से ही मानवीय भूमिकाओं को तेजी से बदल रहा है। अमोदेई पहले यह भी कह चुके हैं कि 2026 तक AI इतना सक्षम हो जाएगा कि एक व्यक्ति अकेले अरबों डॉलर की कंपनी चला सकता है, और बड़ी टीमों की जरूरत खत्म हो सकती है।
“सच्चाई को छिपा रहे हैं सरकारें और कंपनियाँ”
अमोदेई ने आरोप लगाया कि सरकारें और बड़ी टेक कंपनियाँ इस खतरे को “शुगरकोट” कर रही हैं — यानी इसे जानबूझकर कम गंभीर दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता अब भी इस बदलाव की असली तस्वीर से अनजान है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Big Tech कंपनियों में फ्रेशर्स की हायरिंग में 50% गिरावट आई है। Microsoft ने हाल ही में 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की है।अब कुछ AI कंपनियों में 30% कोडिंग खुद AI द्वारा की जा रही है।
DeepMind के CEO की भी चेतावनी
Google DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस ने भी AI के प्रभावों को लेकर सावधान किया है। उन्होंने कहा कि अगले 5 वर्षों में कई पारंपरिक नौकरियाँ बाधित होंगी।
उनके अनुसार, “जैसे इंटरनेट ने मिलेनियल्स और स्मार्टफोन ने Gen Z को बदला, उसी तरह जेनरेटिव AI Gen Alpha की पहचान बनेगा।”
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे AI के युग के लिए अभी से खुद को तैयार करें, ताकि भविष्य में वे पीछे न छूटें।




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