
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने के लक्ष्य के साथ, सरकार ने पीएचडी स्कॉलर्स, ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्रों को सहयोग देने की घोषणा की है। इसके साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों में एआई लैब्स की स्थापना की योजना भी बनाई गई है। इस बारे में जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
AI इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री ने बताया कि भारत की AI रणनीति का उद्देश्य एक समावेशी और मजबूत एआई इकोसिस्टम बनाना है, जो देश को इस क्षेत्र में वैश्विक नेता बना सके।
उन्होंने आगे बताया कि सरकार 500 पीएचडी स्कॉलर्स, 5,000 पोस्टग्रेजुएट छात्र, 8,000 ग्रेजुएट छात्रों को सहयोग प्रदान करेगी, ताकि एक मजबूत और कुशल एआई टैलेंट पूल तैयार किया जा सके।
बढ़ेगा बुनियादी ढांचा, छोटे शहरों पर फोकस
सरकार की इस पहल में खास ध्यान महानगरों से बाहर के क्षेत्रों पर दिया गया है। मंत्री ने बताया कि “IndiaAI” और NIELIT के सहयोग से देशभर के 27 टियर-2 और टियर-3 शहरों में IndiaAI डेटा और एआई लैब्स स्थापित की जा रही हैं।
साथ ही, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने 174 आईटीआई/पॉलीटेक्निक संस्थानों को भी इन लैब्स के लिए नामित किया है।
एआई के बेसिक कोर्स होंगे शुरू
इन लैब्स में NCVET (National Council for Vocational Education and Training) द्वारा अनुमोदित डेटा एनोटेशन, डेटा क्यूरेशन और एआई के मूलभूत कोर्स शुरू किए गए हैं। इसका उद्देश्य भविष्य की कार्यशक्ति को एआई के लिए तैयार करना है।




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