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ICAR Data Breach: Thousands of Scientists' Records Missing, Allegations of Conspiracy Raise Concern

पाकिस्तान ने बनाया अपना पहला AI डेटा सेंटर, सुरक्षा और डिजिटल इकोनॉमी पर होगा बड़ा असर

Pakistan Launches Its First AI Data Center and AI Cloud

पाकिस्तान ने तकनीकी क्षेत्र में एक अहम कदम बढ़ाते हुए अपना पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर और AI क्लाउड शुरू कर दिया है। यह पहल टेलीनॉर और डेटा वॉल्ट के संयुक्त प्रयास से संभव हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देश में AI इस्तेमाल की गति तेजी से बढ़ेगी और कई अहम सेक्टर—जैसे स्वास्थ्य, बैंकिंग, सुरक्षा और कृषि—इससे बड़े पैमाने पर लाभ उठा सकेंगे।

डेटा सेंटर में दुनिया की अग्रणी टेक कंपनी NVIDIA के हाई-पावर GPU लगाए गए हैं, जिनका उपयोग AI मॉडल ट्रेनिंग और बड़े डिजिटल वर्कलोड के लिए किया जाता है। पहले इन चिप्स को पाकिस्तान में लाना मुश्किल और महंगा था, लेकिन अब देश के अंदर ही कंपनियों और संस्थानों को यह सुविधा उपलब्ध होगी।

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद मिली NVIDIA चिप्स की मंजूरी

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने NVIDIA के कई AI चिप्स पर निर्यात नियंत्रण लागू किया है—खासतौर पर चीन को। पाकिस्तान भी उन देशों की सूची में शामिल है जिन्हें सीमित एक्सेस मिलती है।

इसके बावजूद डेटा वॉल्ट को 3,000 से अधिक GPU हासिल करने की विशेष मंजूरी मिली है। कंपनी की CEO, मेहविश सलमान अली, ने बताया कि उनका डेटा सेंटर पाकिस्तान का पहला और इकलौता GPU-आधारित सर्विस सेंटर है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर GPU की भारी कमी और सख्त पाबंदियों के बावजूद कंपनी ने शुरुआती चरण में ही पूरी तैयारी की और NVIDIA के पार्टनर्स के माध्यम से अनुमोदन प्राप्त किया।

डेटा वॉल्ट अब पाकिस्तान की कंपनियों, स्टार्टअप्स और सरकारी संस्थानों को GPU किराए पर उपलब्ध करा रहा है ताकि AI डेवलपमेंट और रिसर्च तेजी से आगे बढ़ सकें।

पाकिस्तान के लिए क्यों अहम है यह डेटा सेंटर?

इस AI डेटा सेंटर से विभिन्न क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं:

बैंकिंग: फ्रॉड डिटेक्शन, स्मार्ट KYC और तेज़ डिजिटल सेवाएं।

हेल्थकेयर: AI-आधारित डायग्नोस्टिक मॉडल, मरीजों के डेटा का बेहतर विश्लेषण।

कृषि: स्मार्ट फार्मिंग, फसल की भविष्यवाणी और ड्रोन आधारित समाधान।

उद्योग और फैक्ट्रियां: ऑटोमेशन, क्वालिटी कंट्रोल और उत्पादन में सुधार।

सरकारी सेवाएं: सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड, तेज़ पब्लिक सर्विस डिलीवरी।

स्टार्टअप और रिसर्च: उर्दू और स्थानीय भाषाओं के लिए बड़े AI मॉडल और फिनटेक समेत कई सेक्टरों के लिए कस्टमाइज्ड AI समाधान।

इसके साथ ही पाकिस्तान में AI आधारित नवाचार को एक नया प्लेटफॉर्म मिल जाएगा, जिससे स्थानीय स्टार्टअप्स के लिए भी नई संभावनाएं खुलेंगी।

डेटा रहेगा पाकिस्तान के अंदर, साइबर सुरक्षा होगी मजबूत

रिपोर्टों में बताया गया है कि इस पहल का सबसे बड़ा लाभ डेटा सुरक्षा है। 

अब बैंक ट्रांजैक्शन, मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट, टेलीकॉम रिकॉर्ड, सरकारी डाटा किसी भी विदेशी सर्वर पर नहीं जाएगा। इससे हैकिंग के खतरे कम होंगे, संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रहेगी और राष्ट्रीय डेटा पूरी तरह देश के अंदर ही नियंत्रित रहेगा। यह कदम पाकिस्तान की साइबर सुरक्षा क्षमता को मजबूत करेगा।

पहले विदेशी क्लाउड पर निर्भरता, अब डिजिटल आत्मनिर्भरता

अब तक पाकिस्तान की अधिकतर कंपनियां और सरकारी विभाग AI सेवाओं के लिए विदेशी क्लाउड प्लेटफॉर्म पर निर्भर थे। इससे डेटा बाहर जाता था और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी रहती थीं। 

नया AI क्लाउड और डेटा सेंटर पाकिस्तान को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

पाकिस्तान के लिए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का नया अध्याय

टेलीनॉर और डेटा वॉल्ट का यह AI डेटा सेंटर न सिर्फ पाकिस्तान की टेक क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि देश के विभिन्न सेक्टरों में AI अपनाने की गति भी तेज करेगा। यह कदम पाकिस्तान को डेटा सुरक्षा, डिजिटल नवाचार और AI-आधारित अर्थव्यवस्था के नए दौर में प्रवेश करा रहा है।

2026 और उसके बाद, यह परियोजना पाकिस्तान की डिजिटल ग्रोथ स्टोरी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।  

एडइनबॉक्स टीम

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