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साइबर क्राइम से बचाव के लिए आईआईटी इन्दौर (IIT Indore) के छात्रों और रिसर्चर ने दो ख़ास माइक्रोचिप डिजाइन की है। डिजाइन की गई इन 2 चीप को दुनियाभर की 144 डिजाइन में से चुनते हुए जर्मनी की एक कंपनी ने अप्रूव किया है। इन चिप के जरिए डेटा सिक्योरिटी अब सॉफ्टवेयर की जगह सीधे हार्डवेयर के जरिए हो सकेगी। हार्डवेयर सिक्योरिटी के लिए इस चिप की डिजाइन आईआईटी इन्दौर की पीएचडी रिसर्चर नेहा माहेश्वरी और एक्सेलेरेटर चिप की डिजाइन एमएस रिसर्चर राधेश्याम शर्मा ने एमटेक रिसर्चर कोमल गुप्ता और बीटेक स्टूडेंट सात्विक रेड्डी के सहयोग से की है।
बता दें कि जर्मनी के इफैबलेस कॉरपोरेशन ने दुनियाभर के इंस्टीट्यूट से चिप के डिजाइन मंगवाए थे। इसके लिए उन्हें 144 डिजाइन मिले थे जिनमें आईआईटी इंदौर के 4 डिजाइन भी शामिल थे। उनमें से 2 डिजाइन को चुनते हुए इफैबलेस कंपनी ने चिप फैब्रिकेट की है। अब आईआईटी ने इनका ट्रायल शुरू कर दिया है।
दो में से एक चिप हार्डवेयर सिक्योरिटी एप्लिकेशन पर काम करेगी, जो साइबर सिक्योरिटी सुनिश्चित करेगा। यह डिवाइस ऑटिकेशन और प्राइवेसी पॉलिसी जैसे विभित्र एप्लिकेशन के लिए सिक्योरिटी-की जनरेट करने में मदद करने के साथ डेटा का अनाधिकृत एक्सेस रोकेगा।
दूसरी एक्सेलेरेटर चिप एआई ऐप्लिकेशन के तौर पर हार्डवेयर एक्सेलरेटर का काम करेगी, जो मैट्रिक्स मल्टीप्लिकेशन, स्पीच रिकॉग्निशन, इमेज प्रोसेसिंग और कंप्यूटर ग्राफिक्स जनरेट करेगा। इन चिप की सहायता से भविष्य में मोबाइल, कंप्यूटर और क्लाउड सर्वर में रखा डाटा ज्यादा सुरक्षित रहेगा और हैकर्स आसानी से डिवाइस का डाटा नहीं चुरा सकेंगे।




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