
पीयूष मिश्रा का ‘उड़नखटोला’ टूर अपनी शानदार सफलता के साथ नए शहरों की ओर बढ़ रहा है। यह सिर्फ एक संगीतमय यात्रा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण आंदोलन बन चुका है। बल्लिमारान बैंड के साथ मिश्रा ने अपनी अनफ़िल्टर्ड, दिल को छू लेने वाली प्रस्तुतियों से हर मंच को जीवंत कर दिया है। 11 शहरों और दुबई में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद, यह टूर अब गुरुग्राम, आगरा, लखनऊ, कानपुर, चंडीगढ़ और देहरादून की ओर बढ़ रहा है, जहां प्रशंसक इस जादुई अनुभव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
भारत में लाइव संगीत की नई परिभाषा
नवंबर 2024 में शुरू हुए ‘उड़नखटोला’ टूर ने अब तक कोलकाता, अहमदाबाद, वडोदरा, इंदौर, भोपाल, पुणे, ठाणे, रायपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, नागपुर और दुबई में हजारों दर्शकों के सामने अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कराई है।
यह टूर केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक अनुभव बन चुका है—जहां पीयूष मिश्रा की गहरी कविताएं, प्रभावशाली मंच प्रदर्शन और अनोखी कहानी कहने की कला दर्शकों को उनकी दुनिया में खींच ले जाती है।
62 की उम्र में भी वही जुनून
62 वर्ष की उम्र में भी पीयूष मिश्रा ने यह साबित कर दिया है कि संगीत की कोई उम्र नहीं होती। उनके गीत आज भी हर पीढ़ी के दिल को छू जाते हैं। “आरंभ,” “हुस्ना,” और “घर” जैसे गीत हर कॉन्सर्ट में गूंजते हैं और श्रोताओं को और भी अधिक की चाहत छोड़ जाते हैं। बल्लिमारान बैंड के साथ उन्होंने बीते दौर की गूंज और आज की ताजगी को एक साथ जोड़कर एक नया संगीत संसार रचा है।
आगे का सफर: नया एल्बम और एक बड़ी सोच
जैसे-जैसे यह टूर आगे बढ़ रहा है, यह सिर्फ एक संगीतमय रात नहीं, बल्कि पीयूष मिश्रा की कला और उनके विचारों की झलक देने का जरिया भी बन रहा है। इस टूर का सबसे खास पहलू यह है कि पीयूष मिश्रा का पहला एल्बम इसी यात्रा के दौरान तैयार किया जा रहा है, जिसका अनावरण टूर के समापन के करीब किया जाएगा।
संगीत से परे एक सामाजिक पहल
‘उड़नखटोला’ टूर सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलाव लाने का एक जरिया भी है। “प्ले फॉर पॉज” पहल के तहत, बल्लिमारान हर शहर में स्थानीय NGOs के साथ मिलकर बेसहारा जानवरों के कल्याण के लिए काम कर रहा है। अपने मंच का उपयोग कर, वे जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद जानवरों के लिए सहयोग कर रहे हैं।
चलता-फिरता रचनात्मक मंच: स्पेशल टूर बस
यह टूर सिर्फ एक संगीत यात्रा नहीं, बल्कि रचनात्मकता से भरा सफर भी है। इस बार पीयूष मिश्रा और उनकी टीम एक स्पेशल टूर बस में सफर कर रही है, जो सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता रचनात्मक मंच भी है। इस बस में संगीत, कविता और विचारों का मुक्त प्रवाह होता है, जिससे हर शहर की प्रस्तुति को एक नया आयाम मिलता है और हर शो एक अनोखा अनुभव बन जाता है।
टूर के पीछे की सोच
इस टूर का क्यूरेशन राहुल गांधी (संस्थापक और CEO, तम्बू एंटरटेनमेंट) द्वारा किया गया है, जिन्होंने इसे सिर्फ एक पारंपरिक संगीत कार्यक्रम से आगे ले जाकर एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
राहुल गांधी कहते हैं, “पीयूष भाई के गाने, जो उन्होंने 90 के दशक में अपने थिएटर के दिनों में लिखे थे, वे आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। हमें लगा कि इन गीतों को सही मंच देना हमारी जिम्मेदारी है।”
वे आगे कहते हैं— “यह कोई रेगुलर बॉलीवुड गिग नहीं है। यह इंडी है, और अपने आप में एक नए जॉनर को परिभाषित करता है। ‘उड़नखटोला’ टूर जबरदस्त सफलता की ओर बढ़ रहा है।”
संगीत प्रेमियों के लिए यादगार सफर
तम्बू एंटरटेनमेंट और थिंकिंग हैट्स द्वारा निर्मित यह टूर अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। पांच और शहर पीयूष मिश्रा और बल्लिमारान के संगीत के जादू को महसूस करने के लिए तैयार हैं।
संगीत, विचार और जुनून से भरी यह यात्रा आने वाले वर्षों तक याद रखी जाएगी।




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